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3 min read | अपडेटेड January 26, 2026, 15:41 IST
सारांश
Axis Bank Q3 results: एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का शुद्ध मुनाफा 3 प्रतिशत बढ़कर 6,490 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि ब्याज आय में हल्की बढ़त रही, लेकिन बैंक के लोन और डिपॉजिट पोर्टफोलियो में शानदार मजबूती देखी गई है।
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एक्सिस बैंक ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में दर्ज किया शानदार मुनाफा।
Axis Bank Q3 results: एक्सिस बैंक ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। देश के इस तीसरे सबसे बड़े निजी बैंक ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर की अवधि में उसका शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 6,490 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने अच्छी बढ़त हासिल की थी, लेकिन इस बार नेट इंटरेस्ट इनकम और अन्य आय में मामूली वृद्धि और लोन के लिए किए गए प्रावधानों में थोड़ी बढ़ोतरी के कारण मुनाफा उम्मीद के मुताबिक रहा है।
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी एनआईआई में इस तिमाही के दौरान 5 प्रतिशत की बढ़त देखी गई और यह 14,287 करोड़ रुपये रही। यह बढ़त तब दर्ज की गई है जब बैंक के कुल लोन वितरण में 14 प्रतिशत की शानदार वृद्धि हुई है। वहीं, बैंक की अन्य आय में 4 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह 6,226 करोड़ रुपये रही। हालांकि, ट्रेडिंग इनकम में आई बड़ी गिरावट का असर अन्य आय पर साफ तौर पर देखा गया। बैंक का डोमेस्टिक नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम पिछली तिमाही के मुकाबले 9 बेसिस प्वाइंट गिरकर 3.64 प्रतिशत पर आ गया है।
तीसरी तिमाही में बैंक के फ्रेश स्लिपेज यानी वह लोन जो एनपीए बनने की कगार पर हैं, 6,007 करोड़ रुपये दर्ज किए गए। यह पिछली तिमाही से 5.6 प्रतिशत और पिछले साल की इसी तिमाही से 10.6 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक के मुताबिक, सबसे ज्यादा स्लिपेज रिटेल पोर्टफोलियो से आए हैं, जो कि 5,472 करोड़ रुपये रहे। बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ तकनीकी कारणों से भी स्लिपेज के आंकड़ों पर असर पड़ा है। अगर तकनीकी प्रभाव को हटा दिया जाए, तो नेट स्लिपेज 2,685 करोड़ रुपये के करीब बैठते हैं।
एक्सिस बैंक के लिए राहत की बात यह रही कि उसकी संपत्ति की गुणवत्ता यानी एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स यानी एनपीए गिरकर 1.40 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछली तिमाही में अधिक था। वहीं, नेट एनपीए 0.42 प्रतिशत रहा। लोन के नुकसान के लिए बैंक ने इस तिमाही में 2,307 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछली तिमाही के 2,133 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक है। बैंक लगातार अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
बैंक के कारोबार की बात करें तो कुल लोन पोर्टफोलियो 14 प्रतिशत बढ़कर 11.59 ट्रिलियन रुपये हो गया है। इसमें कॉर्पोरेट लोन में 27 प्रतिशत और एसएमई लोन में 22 प्रतिशत की बड़ी बढ़त देखी गई। दूसरी तरफ, बैंक के पास जमा होने वाली राशि यानी डिपॉजिट में भी 15 प्रतिशत का उछाल आया और यह 12.60 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया। करंट अकाउंट डिपॉजिट में 20 प्रतिशत और सेविंग्स अकाउंट डिपॉजिट में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बैंक ग्राहकों के लिए बैंकिंग को सरल बनाने और डिजिटल सेवाओं को नया रूप देने पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक अपने प्लेटफॉर्म को आधुनिक बना रहा है और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से टीम को तैयार कर रहा है। बैंक का लक्ष्य आने वाले समय में बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना है।
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