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  1. 7.1% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ! वर्ल्ड बैंक ने क्यों बढ़ाया आर्थिक वृद्धि का अनुमान?

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7.1% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ! वर्ल्ड बैंक ने क्यों बढ़ाया आर्थिक वृद्धि का अनुमान?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 06, 2026, 14:30 IST

सारांश

वर्ल्ड बैंक ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया। यह अप्रैल में लगाए गए अनुमान से .5% अंक अधिक है। वृद्धि के अनुमान में यह बढ़ोतरी पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के कारण की गई है।

भारतीय अर्थव्यवस्था

7.1% रहेगी भारत की GDP ग्रोथ, वर्ल्ड बैंक ने क्यों बढ़ाया आर्थिक वृद्धि का अनुमान? (Photo: Shutterstock)

वर्ल्ड बैंक ने भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर यानी कि 2026-27 के लिए वर्ल्ड बैंक ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इससे पहले अप्रैल में वर्ल्ड बैंक ने आर्थिक वृद्धि दर 6.6% रहने का अनुमान जताया था। यानी अब अनुमान में 0.5% अंक की बढ़ोतरी की गई है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए विकास दर के अनुमान को संशोधित किया गया है। वर्ल्ड बैंक ने अपनी ताजा ‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट’ रिपोर्ट में कहा कि व्यापार और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक गतिविधियां उम्मीद से बेहतर बनी हुई हैं।

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पिछले फाइनेंशियल ईयर में भी मजबूत रही ग्रोथ

भारत की आर्थिक वृद्धि दर फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में 7.8% रही, जबकि इससे पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में यह 7.2% थी। यानी पिछले फाइनेंशियल ईयर में भारत की विकास दर में अच्छी तेजी देखने को मिली। वर्ल्ड बैंक के अनुसार, इस वृद्धि को मजबूत निवेश और निजी खपत से खासा समर्थन मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुकूल नीतिगत परिस्थितियों और बेहतर ऋण परिस्थितियों ने भी आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देने में भूमिका निभाई। इसका असर ग्लोबल लेवल पर जारी व्यापारिक तनाव के प्रभाव को कम करने में भी देखने को मिला।

ग्रामीण मांग ने संभाली अर्थव्यवस्था

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में ग्रामीण खपत शहरी मांग से आगे रही। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कृषि क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन, ग्रामीण आय सहायता, खाद्य सब्सिडी और कम महंगाई से मदद मिली। इन कारकों ने ग्रामीण परिवारों की खर्च करने की क्षमता को मजबूत किया।

वहीं, साल के बाकी हिस्से में शहरी खपत में भी मजबूती देखने को मिली। आयकर में राहत और GST में कटौती के बाद शहरी मांग को सहारा मिला। इससे घरेलू खपत को मजबूती मिली और आर्थिक गतिविधियों को गति मिली।

औद्योगिक गतिविधियां भी उम्मीद से बेहतर

अप्रैल के बाद से ग्लोबल लेवल पर कई चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की औद्योगिक गतिविधियां उम्मीद से बेहतर रही हैं। वर्ल्ड बैंक का ताजा अनुमान इस बात का संकेत है कि बाहरी दबावों के बीच भी घरेलू मांग, निवेश और नीतिगत समर्थन भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण सहारा बने हुए हैं।

कुल मिलाकर, वर्ल्ड बैंक द्वारा 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 6.6% से बढ़ाकर 7.1% करना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। मजबूत निवेश, निजी खपत, ग्रामीण मांग और बेहतर औद्योगिक गतिविधियां आने वाले समय में आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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