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Donald Trump क्यों कर रहे हैं Hormuz को ब्लॉक? इसका भारत समेत दुनिया पर क्या असर पड़ेगा?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड April 13, 2026, 16:23 IST

सारांश

Hormuz को ब्लॉक करने के पीछे अमेरिका की बड़ी रणनीति यह है कि वह ईरान की कमाई के एक बड़े स्रोत को रोकना चाहता है, ताकि उसकी सैन्य ताकत कमजोर हो और उसे बातचीत की टेबल पर वापस लाया जा सके।

Strait of Hormuz

Strait of Hormuz: अमेरिका के इस फैसले का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा, खासकर भारत जैसे देशों पर।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz को ब्लॉक करने की बात कही है, जो दुनिया का एक बहुत अहम तेल रास्ता है। यह फैसला तब आया जब अमेरिका और Iran के बीच बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। अगर यह ब्लॉकेड पूरी तरह लागू होता है, तो इससे हालात और बिगड़ सकते हैं और युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।

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अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका का कहना है कि वह यह कदम इसलिए उठा रहा है ताकि ईरान को उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम और समुद्री गतिविधियों पर रोकने के लिए दबाव बनाया जा सके। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि उन्होंने ईरान को आखिरी मौका दिया था, लेकिन उसने मानने से इनकार कर दिया। वहीं ईरान ने अमेरिका पर ये आरोप लगाए कि वे समझौता करना ही नहीं चाहते।

Strait of Hormuz पर ब्लॉकेड के क्या है मायने

इस ब्लॉकेड का मतलब है कि अमेरिका अपनी नौसेना के जरिए उन जहाजों को रोकेगा जो ईरान के पोर्ट्स पर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। अगर कोई जहाज ईरान के बंदरगाह (जैसे खार्ग आइलैंड या बंदर अब्बास) जाएगा, तो उसे रोका जा सकता है। लेकिन अगर कोई जहाज सिर्फ रास्ते से गुजर रहा है और किसी दूसरे देश जा रहा है, तो उसे जाने दिया जाएगा।

अमेरिका की क्या है रणनीति

इस फैसले के पीछे अमेरिका की बड़ी रणनीति यह है कि वह ईरान की कमाई के एक बड़े स्रोत को रोकना चाहता है, ताकि उसकी सैन्य ताकत कमजोर हो और उसे बातचीत की टेबल पर वापस लाया जा सके। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ऐसा किया, तो हालात और खतरनाक हो सकते हैं।

भारत समेत पूरी दुनिया पर क्या होगा असर

इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा, खासकर भारत जैसे देशों पर। भारत अपनी करीब 60% तेल और फर्टिलाइजर जरूरत इसी रास्ते से पूरी करता है। अगर यहां रुकावट आती है, तो तेल महंगा होगा, सप्लाई में देरी होगी और इसका असर महंगाई पर भी पड़ेगा। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी इस रास्ते पर काफी निर्भर हैं। दुनिया का करीब 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहां कोई भी रुकावट ग्लोबल मार्केट को हिला सकती है।

तेल की कीमतों में उछाल

इस खबर के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में तुरंत उछाल आ गया। ब्रेंट क्रूड $102 प्रति बैरल के ऊपर चला गया और WTI भी $104 के पार पहुंच गया। इसका सीधा असर एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यह सिर्फ एक सैन्य कदम नहीं है, बल्कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाना चाहता है, लेकिन इसका असर पूरी दुनिया, खासकर तेल पर निर्भर देशों पर पड़ सकता है।

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