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4 min read | अपडेटेड November 03, 2025, 14:50 IST
सारांश
Gold-Silver Price: कमोडिटी एनालिस्ट्स के अनुसार 3 नवंबर से शुरू होने वाले लगातार तीसरे हफ्ते में सोने की कीमतों में दबाव दिखने की संभावना है। वहीं चांदी भी अपने ऑल टाइम हाई से 14 फीसदी लुढ़क चुका है। ट्रेडर्स की नजर अब प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत फैसलों पर रहेगी।

Gold-Silver: इस साल जबरदस्त रैली देखने के बाद गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में अब गिरावट का रुख है।
कमोडिटी एनालिस्ट्स के अनुसार 3 नवंबर से शुरू होने वाले लगातार तीसरे हफ्ते में सोने की कीमतों में दबाव दिखने की संभावना है। वहीं चांदी भी अपने ऑल टाइम हाई से 14 फीसदी लुढ़क चुका है। ट्रेडर्स की नजर अब प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और नीतिगत फैसलों पर रहेगी, जिनमें 5 नवंबर को होने वाली अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की टैरिफ सुनवाई खास तौर पर अहम है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज 03 नवंबर को सोने की कीमत में 0.54 फीसदी या 658 रुपये का उछाल है और यह 121862 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा, चांदी में भी आज डिमांड है और यह 0.63 फीसदी या 962 रुपये बढ़कर 149250 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी के भाव में तेजी दिख रही है। सोना 0.32 फीसदी बढ़कर 4015.83 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा, चांदी भी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 48.85 डॉलर प्रति औंस पर है।
बाजार की नजर अमेरिका, चीन और यूरोप के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI डेटा, चीन के व्यापार और विकास के आंकड़ों, और अमेरिकी रोजगार (ADP Non-Farm Payrolls) और मुद्रास्फीति (Inflation) जैसे संकेतकों पर रहेगी। ये सभी डेटा आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
JM Financial Services के प्रणव मेर ने कहा कि “5 नवंबर को होने वाली अमेरिकी टैरिफ सुनवाई का नतीजा चाहे जो भी हो, बाजारों में बड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।” उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते भी सोने की कीमतों में लगातार दूसरी बार गिरावट आई, लेकिन बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। फेड की सख्त ब्याज नीति और अमेरिका-चीन ट्रेड वार्ता में प्रगति ने सोने पर दबाव डाला, जबकि सुरक्षित निवेश की मांग ने गिरावट को कुछ हद तक थामा।
अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है, और डॉलर इंडेक्स 99.5 के पार बंद हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण एशियाई देशों के साथ किए गए नए व्यापार सौदों से डॉलर को मजबूती मिली। हालांकि, अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, क्योंकि सरकार नवंबर तक शटडाउन रहने की संभावना है, जिससे डेटा रिलीज में देरी हो रही है। इससे भी सोने को कुछ सहारा मिला।
स्मार्टवेल्थ डॉट एआई के फाउंडर पंकज सिंह ने कहा कि सोना 10 महीने की मजबूत तेजी के बाद अब कंसोलिडेशन फेज में है। हालांकि, अमेरिका में बढ़ता कर्ज, आर्थिक चुनौतियां और राजनीतिक अस्थिरता जैसे कारण सोने को लंबी अवधि के लिए मजबूत सपोर्ट देते रहेंगे।
JM Financial Services के प्रणव मेर के अनुसार आने वाले हफ्ते में सोने के लिए रेजिस्टेंस ₹1,23,000 प्रति 10 ग्राम, और चांदी के लिए ₹1,51,000 प्रति किलो रहेगा। वहीं, सपोर्ट लेवल चांदी के लिए ₹1,43,500-₹1,38,000 प्रति किलो के बीच देखा जा रहा है। इसका मतलब है कि अगले कुछ सत्रों में सोना और चांदी दोनों सीमित दायरे में रह सकते हैं और बाजार में कंसोलिडेशन की स्थिति बनी रह सकती है।
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