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3 min read | अपडेटेड January 29, 2026, 08:43 IST
सारांश
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 28 जनवरी को अपनी बैठक में ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% की सीमा पर बरकरार रखने का फैसला किया है। पिछले साल लगातार तीन बार कटौती के बाद इस बार दरों को स्थिर रखा गया है। बैंक का मुख्य लक्ष्य महंगाई को 2 प्रतिशत पर लाना है।

ब्याज दरों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का अहम फैसला
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने साल 2026 की अपनी पहली बड़ी बैठक में ब्याज दरों को लेकर स्थिति साफ कर दी है। 28 जनवरी को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में ही स्थिर रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले साल बैंक ने ब्याज दरों में लगातार तीन बार कटौती की थी। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आर्थिक गतिविधियां एक मजबूत और ठोस रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं। बैंक ने अभी इंतजार करने और अर्थव्यवस्था की चाल को और बारीकी से समझने का मन बनाया है।
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी के कुल 12 सदस्यों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। ब्याज दरों को लेकर कमेटी के भीतर थोड़ी अलग राय भी देखने को मिली। कुल 12 सदस्यों में से 10 सदस्यों ने इस बात का समर्थन किया कि ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखा जाए। वहीं दूसरी तरफ, दो सदस्य ऐसे भी थे जो चाहते थे कि ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती की जाए। बहुमत ब्याज दरों को स्थिर रखने के पक्ष में था, इसलिए अंत में दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया। कमेटी ने एक बार फिर दोहराया है कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य देश में ज्यादा से ज्यादा रोजगार पैदा करना और लंबी अवधि में महंगाई की दर को 2 प्रतिशत के दायरे में वापस लाना है।
फेडरल रिजर्व ने अपने आधिकारिक बयान में देश की आर्थिक सेहत का ब्यौरा भी साझा किया है। बैंक के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, भले ही आर्थिक गतिविधियां ठोस तरीके से बढ़ रही हैं, लेकिन रोजगार के मोर्चे पर अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं। बाजार में नई नौकरियों के मिलने की रफ्तार अभी भी कम बनी हुई है। हालांकि, बेरोजगारी दर के अब स्थिर होने के कुछ शुरुआती संकेत जरूर मिले हैं। महंगाई को लेकर बैंक का कहना है कि यह अभी भी कुछ ऊंचे स्तर पर बनी हुई है, जो एक चिंता का विषय है। इसी वजह से बैंक अभी अपनी मौद्रिक नीति को लेकर बहुत ज्यादा ढील देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।
आने वाले समय में ब्याज दरों में बदलाव होगा या नहीं, यह पूरी तरह से भविष्य में आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा। फेडरल रिजर्व ने साफ किया है कि आर्थिक भविष्य को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। समिति अपनी दोहरी जिम्मेदारी, जिसमें अधिकतम रोजगार और स्थिर महंगाई शामिल है, उसको लेकर पूरी तरह सतर्क है। बैंक ने कहा है कि वह बाजार की स्थितियों, श्रम बाजार के आंकड़ों, महंगाई के दबाव और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए रखेगा। अगर आने वाले समय में अर्थव्यवस्था के सामने कोई ऐसा खतरा पैदा होता है जो उनके लक्ष्यों के रास्ते में आता है, तो बैंक अपनी नीति में जरूरत के अनुसार बदलाव करने के लिए तैयार रहेगा। फिलहाल फेडरल रिजर्व का पूरा जोर महंगाई को वापस अपने लक्ष्य तक लाने पर है।
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