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  1. SME IPOs के लिए SEBI ने सुझाए कई बदलाव, बढ़ती ऐक्टिविटी के साथ कड़ी निगरानी जरूरी

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SME IPOs के लिए SEBI ने सुझाए कई बदलाव, बढ़ती ऐक्टिविटी के साथ कड़ी निगरानी जरूरी

Upstox

3 min read | अपडेटेड November 20, 2024, 13:29 IST

सारांश

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर SME प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ को देखते हुए SEBI ने IPO से जुड़े कई प्रस्ताव दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 196 IPOs ने 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा कैपिटल जुटाया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 15 अक्टूबर तक ही 159 IPO में 5,700 करोड़ कैपिटल आ चुका है।

SEBI ने एंट्री बैरियर समेत कई बदलाव सुझाए

SEBI ने एंट्री बैरियर समेत कई बदलाव सुझाए

सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने SME IPO (Initial Public Offering) से जुड़े कई बदलावों का प्रस्ताव दिया है जिससे बेहकर रेग्युलेशन किया जा सके। इसमें इशू साइज की न्यूनतम सीमा तय करना, न्यूनतम ऐप्लिकेशन साइज को दोगुना करना और गैर- संस्थागत निवेशकों के लिए 'ड्रॉ' निकालने का सिस्टम शामिल है।

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लोगों से भी मांगी राय

SEBI ने प्रस्ताव दिया है कि SME IPO में न्यूनतम ऐप्लिकेशन साइज एक लाख से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया जाए ताकि सिर्फ ऐसे निवेशक अप्लाई करें जिन्हें रिस्क की बेहतर समझ हो। इस लिमिट को 4 लाख करने के लिए लोगों से भी राय मांगी गई है। ऐसा करने से खुदरा निवेशकों की कैटिगिरी खत्म हो जाएगा और गैर- संस्थागत निवेशकों के हिस्से में ये चला जाएगा।

बढ़ी है ऐक्टिविटी

ये प्रस्ताव नैशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर SME प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ को देखते हुए दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 196 IPOs ने 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा कैपिटल जुटाया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 15 अक्टूबर तक ही 159 IPO में 5,700 करोड़ कैपिटल आ चुका है। SEBI के मुताबिक ऐप्लिकेंट से निवेशक का अनुपात FY22 में 4X से FY23 में 46X और FY24 में 245X पहुंच गया है।

बाजार, निवेशकों को ना हो नुकसान

SEBI का कहना है कि SME सेग्मेंट में बढ़ी हुई ऐक्टिविटी को देखते हुए गलत गतिविधियों, फंड से जुड़े रस्क, प्रमोटर/ निवेशकों के लिस्टिंग के बाद कंपनी छोड़ देने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं। इसलिए निवेशकों और बाजार के हितों को ध्यान में रखते हुए नियम और कॉरपरेट गवर्नांस को रिव्यू करने की जरूरत है ताकि अच्छे ट्रैक रेकॉर्ड वाली कंपनियां IPO करें और फंड जुटाएं और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हों।

ऑफर फॉर सेल की लिमिट

एक और प्रस्ताव में ऑफर-फॉर-सेल हिस्से को इशू साइज का 20% करने की बात कही है। बिक्री करने वाले शेयरधारक 20% से ज्यादा प्री- इशू होल्डिंग नहीं बेच सकेंगे। फिलहाल इसे लेकर कोई रोक नहीं है। रेग्युलेटर ने सुझाव दिया है कि SME IPO में न्यूनतम अलॉटी की संख्या को 50 से बढ़ाकर 200 कर दिया जाए ताकि शेयरधारकों के बेस और बाजार में हिस्सेदरी को फैलाया जा सके।

मॉनिटरिंग एजेंसी पर सुझाव

इसके अलावा SME IPO के लिए मॉनिटरिंग एजेंसी की जरूरत ₹100 करोड़ से घटाकर ₹20 करोड़ की सीमा पर करने की बात कही गई है। इसके नीचे कंपनियों को सांविधिक ऑडिटर की सर्टिफाई की हुई रिपोर्ट सबमिट करनी होगी जिसमें आधे साल के वित्तीय रेकॉर्ड होंगे।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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