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Reliance ने रूसी तेल से बनाया ईंधन, फिर अमेरिका को बेचकर कमाए ₹6850 Cr

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 18, 2025, 17:09 IST

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सारांश

Reliance Industries ने रूस से कच्चा तेल खरीदकर, उसे रिफाइनिंग के बाद ईंधन की शक्ल में अमेरिका को बेचकर खूब मुनाफा कमाया है। दरअसल, अमेरिका ने यूक्रेन के साथ युद्ध के चलते रूस पर प्रतिबंध लगा रखे थे। हालांकि, उसने सिर्फ कच्चे तेल पर प्रतिबंध पर लगाए थे, रिफाइन्ड उत्पादों पर नहीं।

गुजरात में रिलायंस की दो रिफाइनरियों से ईंधन का US को आयात €2B का था।

गुजरात में रिलायंस की दो रिफाइनरियों से ईंधन का US को आयात €2B का था।

यूक्रेन पर हमले के बाद रूस को अमेरिका के साथ-साथ पश्चिम यूरोप के देशों के प्रतिबंध भी झेलने पड़े। रूस के कच्चे तेल की खरीद को कम कर दिया गया जिससे उसकी कीमतें गिर गईं। इसका फायदा भारत ने उठाया है।

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देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की Reliance Industries Ltd. ने पिछले एक साल में रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन का अमेरिका को निर्यात कर 72.4 करोड़ यूरो (लगभग 6,850 करोड़ रुपये) कमाए हैं।

यूरोपीय शोध संस्थान ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (सीआरईए) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि जनवरी, 2024 से जनवरी, 2025 के आखिर तक अमेरिका ने रूसी कच्चे तेल की रिफाइनिंग करने वाली भारत और तुर्की स्थित छह रिफाइनरियों से 2.8 अरब यूरो का रिफाइन तेल आयात किया।

रिपोर्ट के मुताबिक रूसी कच्चे तेल की रिफाइनिंग से 1.3 अरब यूरो की आमदनी होने का अनुमान है।

वहीं, गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस की दो रिफाइनरियों से पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन का अमेरिकी आयात दो अरब यूरो का था। इसमें से 72.4 करोड़ यूरो रूसी कच्चे तेल से परिष्कृत होने का अनुमान है।

फरवरी, 2022 में रूस पर कई प्रतिबंध लगे लेकिन रूसी कच्चे तेल की रिफाइनिंग से तैयार डीजल जैसे ईंधन के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाए गए थे।

गुजरात के वाडिनार में रूस की रोसनेफ्ट-समर्थित नायरा एनर्जी की दो करोड़ टन प्रति वर्ष की रिफाइनरी है। इस रिफाइनरी ने जनवरी, 2024 और जनवरी, 2025 के बीच अमेरिका को 18.4 करोड़ यूरो का ईंधन निर्यात किया।

सीआरईए ने कहा कि इसमें से 12.4 करोड़ यूरो रूसी कच्चे तेल से परिष्कृत होने का अनुमान है।

इसके अलावा मेंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) की इकाई न्यू मेंगलोर ने भी इस पीरियड में अमेरिका को 4.2 करोड़ यूरो का ईंधन निर्यात किया। इसमें से 2.2 करोड़ यूरो रूसी कच्चे तेल से परिष्कृत होने का अनुमान है।

सीआरईए ने बताया है कि रूस ने अमेरिका को भारत और तुर्की स्थित रिफाइनरियों से निर्यात कर अनुमानित तौर पर 75 करोड़ डॉलर कमाए हैं।

तुर्की की तीन रिफाइनरियों ने अमेरिका को कुल 61.6 करोड़ यूरो का ईंधन निर्यात किया, जिसमें से 54.5 करोड़ यूरो रूसी कच्चे तेल की रिफाइनिंग से आने का अनुमान है।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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