return to news
  1. RBI ने बिना गारंटी वाले MSME लोन की लिमिट बढ़ाकर ₹20 लाख करने का रखा प्रस्ताव, कर्ज लेना होगा आसान

बिजनेस न्यूज़

RBI ने बिना गारंटी वाले MSME लोन की लिमिट बढ़ाकर ₹20 लाख करने का रखा प्रस्ताव, कर्ज लेना होगा आसान

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड February 06, 2026, 12:02 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

RBI MPC: बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ने से छोटे उद्यमों को औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से कर्ज लेना आसान होगा, अनौपचारिक साहूकारी पर निर्भरता घटेगी और रोजगार पैदा करने व आर्थिक विकास में MSMEs की भूमिका और मजबूत होगी।

RBI

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा और मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 5.25% पर बिना बदलाव रखा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने आज छोटे कारोबारियों के लिए बड़ा प्रस्ताव रखा है। RBI ने MSMEs यानी माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए बिना गारंटी (Collateral-free) मिलने वाले लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है। इसका मकसद छोटे बिजनेस को आसानी से कर्ज मिल सके, जिससे खपत बढ़े और अलग-अलग सेक्टर्स में आर्थिक गतिविधियां तेज हों।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

बिना गारंटी वाले लोन की सीमा बढ़ने से छोटे उद्यमों को औपचारिक बैंकिंग सिस्टम से कर्ज लेना आसान होगा, अनौपचारिक साहूकारी पर निर्भरता घटेगी और रोजगार पैदा करने व आर्थिक विकास में MSMEs की भूमिका और मजबूत होगी। इस कदम का मकसद छोटे बिजनेस के लिए क्रेडिट तक पहुंच बढ़ाना और सभी सेक्टर में खपत और आर्थिक गतिविधि को सपोर्ट देना है।

RBI ने 5.25% पर बरकरार रखा ब्याज दर

इसी के साथ RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा और मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 5.25% पर बिना बदलाव रखा है और पॉलिसी स्टांस को “न्यूट्रल” बनाए रखा है। RBI का फोकस इस समय सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने और पहले की गई ब्याज दर कटौती का असर सही तरीके से बैंकों और कारोबार तक पहुंचाने पर है।

RBI पहले ही 2025 में कुल मिलाकर 1.25% की दर कटौती कर चुका है। इसके अलावा केंद्रीय बैंक लगातार ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) और वैरिएबल रेट रेपो (VRR) ऑक्शन के जरिए बाजार में नकदी डाल रहा है, ताकि कर्ज देने की स्थिति बेहतर बनी रहे।

अगला लेख