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RBI इस साल सरकार को दे सकता है रिकॉर्ड डिविडेंड, क्या पश्चिम एशिया संघर्ष की चुनौतियों से निपटने में मिलेगी मदद

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 13, 2026, 16:31 IST

सारांश

बजट डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य निवेश से लाभांश 75,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू फाइनेंशियल ईयर के 71,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

सरकार को इस साल रिकॉर्ड लाभांश दे सकता है रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के इस साल सरकार को अब तक का सबसे अधिक लाभांश (Dividend) दिए जाने की संभावना है। इससे केंद्र को पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए वित्तीय मदद मिल सकेगी। सूत्रों ने यह जानकारी दी। आरबीआई ने 2024-25 के लिए केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभांश दिया था, जो इससे पिछले साल 2023-24 के 2.11 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 27% अधिक था। सूत्रों ने बताया कि आरबीआई इस महीने होने वाली अपनी निदेशक मंडल की बैठक में लाभांश के अमाउंट पर फैसला ले सकता है। किसी भी फाइनेंशियल ईयर के लिए ट्रांसफरेबल सरप्लस का निर्धारण आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल द्वारा स्वीकृत संशोधित आर्थिक पूंजी ढांचे (ईसीएफ) के आधार पर किया जाता है।

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संशोधित ढांचे के अनुसार, आकस्मिक जोखिम बफर (सीआरबी) के तहत जोखिम प्रावधान आरबीआई के बही-खाते के 4.50 से 7.50% के बीच बनाए रखना होता है। बजट डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, केंद्र को 2026-27 में आरबीआई, नैशनल बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लाभांश और सरप्लस के रूप में 3.16 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है जो मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की तुलना में लगभग 3.75% अधिक है। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने सतर्क अनुमान लगाया है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए लाभांश भुगतान बजट अनुमान से अधिक हो सकता है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) ने 2025-26 में भी रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है।

बेहतर एसेट क्वॉलिटी, हेल्दी क्रेडिट एक्सपेंशन और अधिक इनकम ने 2025-26 के दौरान पीएसबी की प्रॉफिबिलिटी में सुधार किया है। कुल ऑपरेशन्स प्रॉफिट 3.21 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि कुल शुद्ध लाभ 11.1% बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। लगातार चौथे वर्ष पीएसबी ने समग्र लाभ अर्जित किया है। बजट डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य निवेश से लाभांश 75,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू फाइनेंशियल ईयर के 71,000 करोड़ रुपये से अधिक है। लाभांश और आरबीआई के सरप्लस ट्रांसफर नॉन-टैक्स रेवेन्यू की कैटेगरी में आते हैं।

केंद्र को कुल मिलाकर चालू फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में नॉन-टैक्स रेवेन्यू के रूप में 6.66 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जो 2025-26 के 6.67 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है। टैक्सों से होने वाली इनकम 28.66 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो 2025-26 के 26.74 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.18% अधिक है।

PTI इनपुट के साथ

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