बिजनेस न्यूज़
.png)
3 min read | अपडेटेड April 01, 2026, 08:33 IST
सारांश
देश में ईंधन की कीमतों में आज से भारी बढ़ोतरी हो गई है। इंडियन ऑयल ने जहां प्रीमियम पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं, वहीं हवाई ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में 115 पर्सेंट से ज्यादा का ऐतिहासिक उछाल आया है। वेस्ट एशिया संकट के चलते तेल की कीमतों में यह जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।

ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद अब हवाई सफर और गाड़ियों का चलना महंगा हो जाएगा।
आज यानी 1 अप्रैल से देश के आम नागरिकों और विमान कंपनियों को महंगाई का एक बहुत बड़ा झटका लगा है। एक तरफ जहां गाड़ियों में डलने वाले प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं, वहीं दूसरी तरफ हवाई जहाज के ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के दाम में भी भारी उछाल आया है। यह बढ़ोतरी इतनी ज्यादा है कि इसने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तेल कंपनियों ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब वेस्ट एशिया में चल रहे संकट की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर गहरा असर पड़ रहा है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने प्रीमियम क्वालिटी के फ्यूल इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को तगड़ा झटका दिया है। दिल्ली में 100 ऑक्टेन वाले प्रीमियम पेट्रोल, जिसे एक्सपी 100 कहा जाता है, उसकी कीमत 149 रुपये से बढ़ाकर सीधे 160 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। यानी एक झटके में 11 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं प्रीमियम डीजल 'एक्स्ट्रा ग्रीन' के दाम भी 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। यह बढ़ी हुई दरें आईओसी के आउटलेट्स पर तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं, जिससे लग्जरी गाड़ी मालिकों का बजट बिगड़ना तय है।
ईंधन की कीमतों में सबसे चौंकाने वाली खबर हवाई ईंधन को लेकर आई है। भारत में हवाई ईंधन यानी एटीएफ की कीमतों में 115 पर्सेंट से भी ज्यादा का जबरदस्त इजाफा किया गया है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में आए इस तूफान का असर अब साफ दिख रहा है। 1 अप्रैल से दिल्ली में एटीएफ की कीमत बढ़कर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है, जबकि इससे पहले यह सिर्फ 96,638 रुपये के आसपास थी। वहीं मुंबई में हवाई ईंधन की कीमत मेट्रो शहरों में सबसे कम 1.94 लाख रुपये प्रति किलोलीटर दर्ज की गई है।
ईंधन की कीमतों में अचानक आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह वेस्ट एशिया में चल रहा संकट बताया जा रहा है। वहां चल रहे विवाद और अस्थिरता की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगवाता है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर हमारे यहां की कीमतों पर पड़ता है। इसी संकट की वजह से तेल कंपनियों को मजबूरन अपने रेट्स में इतनी बड़ी बढ़ोतरी करनी पड़ी है।
हवाई ईंधन की कीमतों में 115 पर्सेंट की इस बेतहाशा बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। विमान कंपनियों के लिए ऑपरेशन का खर्च अब बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा, जिसका सीधा नतीजा हवाई टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आएगा। आने वाले दिनों में फ्लाइट से सफर करना काफी महंगा हो सकता है। इसके साथ ही प्रीमियम फ्यूल के दाम बढ़ने से उन लोगों पर भी बोझ बढ़ेगा जो बेहतर परफॉर्मेंस के लिए अपनी गाड़ियों में हाई क्वालिटी तेल का इस्तेमाल करते हैं।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
How To Use Open Interest For Intraday Trading: Complete Guide
What Is Stop Loss In Trading? Meaning, Types, & How To Use It
What Is ICRA? Why Its Credit Ratings Matter To Investors
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs