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  1. India's GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था FY26 में पकड़ेगी 6.5% से ज्यादा की रफ्तार: मूडीज

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India's GDP Growth: भारत की अर्थव्यवस्था FY26 में पकड़ेगी 6.5% से ज्यादा की रफ्तार: मूडीज

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 12, 2025, 16:16 IST

सारांश

Indian GDP Growth Rate: क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज के मुताबिक अगले वित्त वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने वाली है। मूडीज के मुताबिक टैक्स में कटौती से लेकर सरकारी खर्चे बढ़ने से आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इसके चलते जीडीपी 6.5% से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ सकती है।

भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक FY26 में GDP ग्रोथ रेट 6.3-6.8% का रह सकता है।

भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक FY26 में GDP ग्रोथ रेट 6.3-6.8% का रह सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनावपूर्ण हालात, व्यापार संबंधों में बनी तनातनी और उतरते-चढ़ते बाजार के बावजूद भारतीय अर्थव्यस्था सभी हुई रफ्तार से आगे बढ़ने के संकेत दे रही है। भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ रेट अगले वित्त वर्ष (2025-26) में 6.5% से ज्यादा रहेगी।

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मूडीज रेटिंग्स के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.3% की दर से बढ़ने का अनुमान है। मूडीज ने बुधवार को कहा कि सरकार के कैपिटल खर्च और टैक्स कटौती के साथ-साथ ब्याज दर में कमी से उपभोग बढ़ने से अगले वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था अधिक तेज रफ्तार से बढ़ेगी।

वित्त मंत्रालय की आर्थिक समीक्षा में अगले वित्त वर्ष के लिए GDP ग्रोथ रेट 6.3-6.8% रहने का अनुमान लगाया गया है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में GDP ग्रोथ रेट 6.5% रहेगी।

जुलाई-सितंबर 2024 की तिमाही में देश की वास्तविक GDP ग्रोथ रेट धीमी होकर 5.6% रह गई, जो अगली तिमाही में बढ़कर 6.2% हो गई। मूडीज को उम्मीद है कि भारत की औसत मुद्रास्फीति दर पिछले वर्ष के 4.8% से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 4.5% रह जाएगी।

मूडीज ने कहा कि 2024 के मध्य में एक अस्थायी नरमी के बाद, भारत की आर्थिक वृद्धि में फिर से तेजी आने की उम्मीद है और यह वैश्विक स्तर पर बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज दरों में से एक दर्ज करेगी।

मूडीज रेटिंग ने कहा, ‘सरकारी पूंजीगत व्यय, उपभोग को बढ़ावा देने के लिए मध्यम वर्गीय आय समूहों के लिए कर कटौती और मौद्रिक सुगमता से भारत की वास्तविक GDP वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 में 6.5% से अधिक हो जाएगी। इसके चालू वित्त वर्ष में 6.3% रहने का अनुमान है।'

बैंकिंग क्षेत्र के लिए स्थिर परिदृश्य का अनुमान लगाते हुए मूडीज ने कहा कि हालांकि अगले वित्त वर्ष में भारतीय बैंकों का परिचालन वातावरण अनुकूल बना रहेगा, लेकिन हाल के वर्षों में पर्याप्त सुधार के बाद उनकी परिसंपत्ति की गुणवत्ता में मामूली गिरावट आएगी और बिना गारंटी वाला खुदरा ऋण, सूक्ष्म वित्त ऋण और छोटी कारोबारी ऋण पर कुछ दबाव रहेगा।

बैंकों की लाभप्रदता पर्याप्त बनी रहेगी क्योंकि मामूली दरों में कटौती के बीच शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में गिरावट मामूली रहने की संभावना है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुद्रास्फीति को कंट्रोल करने के लिए मई, 2022 से फरवरी, 2023 तक अपनी नीति दर में 2.50% की वृद्धि की, जिसके कारण धीरे-धीरे उधारकर्ताओं के लिए ब्याज दरों में वृद्धि हुई है। RBI ने फरवरी, 2025 में अपनी नीतिगत दर को 0.25% घटाकर 6.25% कर दिया।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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