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Q3GDP Data: एक्सपर्ट्स को 6.2-6.4% ग्रोथ रेट की उम्मीद, आज आने वाले आंकड़ों का इंतजार

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 28, 2025, 12:24 IST

सारांश

जीडीपी के वित्त वर्ष 2024-25 और तीसरी तिमाही के एस्टिमेट का ऐलान आज किया जाएगा। केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वन मंत्रालय का राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय 28 फरवरी, शाम 4 बजे इसका डेटा जारी करेगा। SBI की रिपोर्ट के मुताबिक 6.2-6.3% जबकि IMF के मुताबिक 6.5% तक ग्रोथ रेट देखा जा सकता है। माना जा रहा है कि खरीफ की उपज, त्योहारी मौसम के चलते उपभोग के बढ़ने से अर्थव्यवस्था को तेजी मिली है।

वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था में रफ्तार कायम।

वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था में रफ्तार कायम।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) कितना रहा है, इसके आंकड़े आज, शुक्रवार 28 फरवरी को जारी किए जाएंगे। शाम को 4 बजे जारी किए जाने वाले GDP डेटा और तीसरी तिमाही के एस्टिमेट को लेकर पहले से अटकलें लग रही हैं।

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अलग-अलग ऐनलिस्ट्स के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था 6.2-6.4% की दर से बढ़ सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक उपभोग आधारित सेक्टर्स में मांग बढ़ने से अर्थव्यवस्था को फायदा हुआ है। त्योहारों के मौसम के साथ-साथ खरीफ फसलों की उपज भी बढ़ी है। इससे ग्रामीण उपभोग में भी इजाफा हुआ है।

'भारतीय इकॉनमी मजबूत'

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनावपूर्ण हालात और बदलते समीकरणों के चलते व्यापार से जुड़ी सप्लाई चेन की अनिश्चतताओं के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक उपभोग हो या निवेश की डिमांड, इंडस्ट्री से लेकर सर्विसेज तक, हर क्षेत्र में सधी हुई ग्रोथ के संकेत मिल रहे हैं।

SBI के कंपोजिट लीडिंग इंडिकेटर (CLI) सूचकांक के मुताबिक जीडीपी ग्रोथ में तीसरी तिमाही में भी उछाल रहेगा। इससे GDP के 6.2-6.3% तक बढ़ने की उम्मीद है। CLI सूचकांक में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े 36 इंडिकेटर्स लिए जाते हैं।

खर्च से हुआ फायदा

रेटिंग्स फर्म ICRA का एस्टिमेट भी कहता है कि तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.4% रहेगी। यह पहली तिमाही से तो कम होगा लेकिन दूसरी तिमाही से ज्यादा। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी खर्च में बढ़ोतरी, प्रॉजेक्ट्स के पूरा होने, ग्रामीण उपभोग बढ़ने और एक्सपोर्ट्स में इजाफे से चौथी तिमाही में भी ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।

उधर, इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) को 2024-25 और 2025-26 में भारत का रियल जीडीपी 6.5% से बढ़ने की उम्मीद है। संस्थान के मुताबिक निजी उपभोग के बढ़ने, आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के दम पर यह गति हासिल की जा सकती है।

लगभग हर सेक्टर में तेजी

तीसरी तिमाही में त्योहारों का मौसम रहने से उपभोग-आधारित सेक्टर्स में तेजी देखी गई है। वहीं, खरीफ की उपज बेहतर होने से ग्रामीण उपभोग को भी सहारा मिला है। वहीं, खनन और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में भी रिकवरी दर्ज की गई। इन कारणों के चलते तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था अच्छी सेहत में दिखाई दे रही है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की स्थिति नापने वाले Index of Industrial Production (IIP) के मुताबिक इस क्षेत्र में तीसरी तिमाही में ग्रोथ 4.3% पर रही जबकि पिछली तिमाही में यह 3.3% पर सिमट गई थी। वहीं, SBI इंडेक्स में भी सकारात्म ट्रेंड्स की ओर इशारा देखा जा सकता है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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