return to news
  1. 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.5% की दर से बढ़ने की उम्मीद, क्या कुछ बोले CII अध्यक्ष

बिजनेस न्यूज़

2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 6.5% की दर से बढ़ने की उम्मीद, क्या कुछ बोले CII अध्यक्ष

Upstox

2 min read | अपडेटेड May 12, 2025, 10:16 IST

सारांश

एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, मेटल, केमिकल्स और हॉस्पिटैसिटी जैसे अलग-अलग सेक्टर्स में प्राइवेट इन्वेस्टमेंटमें वृद्धि के बारे में बात करते हुए पुरी ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण इन्वेस्टमेंट में ‘कुछ सतर्कता’ आ सकती है।

जीडीपी

CII अध्यक्ष संजीव पुरी ने कहा 2025-26 में भारत की जीडीपी 6.5% की दर से बढ़ सकती है।

कंफडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) यानी कि भारतीय उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष संजीव पुरी ने कहा है कि मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (2025-26) में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.5% की दर से बढ़ सकता है और देश की अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक मुद्दों के शॉर्ट-टर्म प्रभाव से उबरने के लिए पर्याप्त मजबूत है। उन्होंने पीटीआई के साथ खास बातचीत में कहा कि देश को बढ़ती व्यापार बाधाओं को देखते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते करने चाहिए।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now
किन सेक्टर्स में बढ़ी प्राइवेट इन्वेस्टमेंट?

एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, मेटल, केमिकल्स और हॉस्पिटैसिटी जैसे अलग-अलग सेक्टर्स में प्राइवेट इन्वेस्टमेंटमें वृद्धि के बारे में बात करते हुए पुरी ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण इन्वेस्टमेंट में ‘कुछ सतर्कता’ आ सकती है। भारत के लिए आर्थिक वृद्धि अनुमान पर उन्होंने कहा, ‘हम 6.5% की दर की उम्मीद कर रहे हैं। हमारा मानना है कि यह नंबर मौलिक रूप से हासिल किया जा सकता है, क्योंकि तथ्य यह है कि हम एक उचित रूप से अच्छी नींव, मजबूत आर्थिक आधार के साथ शुरुआत कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हाल के दिनों में ब्याज दर में कमी आई है। मुद्रास्फीति नरम होती जा रही है। 1 अप्रैल से व्यक्तिगत आयकर में छूट मिल रही है। पिछले साल की दूसरी छमाही में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में इन्वेस्टमेंट बढ़ा है।’

हाई टैरिफ से बढ़ी मुश्किलें लेकिन...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर प्रस्तावित हाई टैरिफ और ग्लोबल स्तर पर बढ़ते संरक्षणवाद की प्रवृत्ति पर, पुरी ने स्वीकार किया कि इस समय ट्रेड में अधिक से अधिक बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) करने चाहिए जो पारस्परिक रूप से लाभकारी और राष्ट्रीय हित में हों।

पुरी ने कहा, ‘इसलिए, भारत जिन देशों को आगे बढ़ा रहा है, और उनमें से बड़े देश अमेरिका और यूरोपीय संघ हैं, वे महत्वपूर्ण हैं। हमें राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से जो कुछ भी करना है, वह करना चाहिए, और मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण ये द्विपक्षीय व्यापार समझौते हैं।’ उन्होंने प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए कुछ सेक्टर्स के लिए थ्री-टीयर टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार करने की भी सिफारिश की। पुरी ने आंतरिक आर्थिक लीवर पर फोकस करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख