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4 min read | अपडेटेड April 30, 2026, 16:09 IST
सारांश
1 मई से देश में रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। अब बुकिंग के बीच का अंतराल बढ़ा दिया गया है और डिलीवरी के लिए ओटीपी (OTP) अनिवार्य होगा। साथ ही, कीमतों में बदलाव और ई-केवाईसी (eKYC) को लेकर भी नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं।

1 मई से लागू होने वाले एलपीजी सिलेंडर के नए नियमों की पूरी जानकारी।
भारत में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों परिवारों के लिए 1 मई की तारीख बहुत अहम होने वाली है। देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियां, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव करने का फैसला किया है। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य गैस की जमाखोरी, कालाबाजारी और सब्सिडी वाले सिलेंडर के गलत इस्तेमाल को रोकना है। सरकार और तेल कंपनियां मिलकर इस सिस्टम को और भी पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रही हैं ताकि असली लाभार्थियों तक गैस पहुंच सके और किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश न रहे।
नए नियमों के तहत अब आप अपनी मर्जी से कभी भी गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। बुकिंग के बीच लगने वाले समय यानी इंटरवल को अब बढ़ा दिया गया है। शहरी इलाकों में रहने वाले ग्राहकों के लिए अब एक बुकिंग से दूसरी बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर होना जरूरी होगा। पहले यह समय 21 दिनों का था। ग्रामीण इलाकों की बात करें तो वहां यह अंतराल 45 दिनों तक कर दिया गया है। खास बात यह है कि तेल कंपनियों का नया सिस्टम इतना एडवांस है कि अगर कोई ग्राहक तय समय सीमा से पहले बुकिंग करने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम उसे अपने आप ब्लॉक कर देगा। यानी आप चाहकर भी समय से पहले नया सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे।
सिलेंडर की डिलीवरी को लेकर भी अब सख्ती काफी बढ़ गई है। 1 मई से डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी डीएसी (DAC) सिस्टम को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब डिलीवरी मैन को सिर्फ रसीद या अपनी गैस की नीली किताब दिखाने भर से आपको सिलेंडर नहीं मिलेगा। बुकिंग करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। जब डिलीवरी मैन आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तब आपको वह ओटीपी उसे बताना होगा। उस कोड के वेरिफिकेशन के बाद ही आपको सिलेंडर सौंपा जाएगा। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 94.5 पर्सेंट से ज्यादा डिलीवरी इसी सिस्टम के जरिए हो रही है, जिससे गैस चोरी पर लगाम लगी है।
दुनियाभर में चल रहे तनाव और बाहरी हालातों के कारण तेल कंपनियां लगातार दबाव में हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से तेल कंपनियों ने पहले ही 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी कम समय में तीन बार बढ़ाए जा चुके हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि 1 मई से एक बार फिर गैस की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही दिक्कतों की वजह से कीमतों में और इजाफा होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाले ग्राहकों के लिए भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। अब इन लाभार्थियों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन यानी ई-केवाईसी (eKYC) कराना अनिवार्य होगा। यह नियम उन लोगों के लिए है जिन्होंने अब तक अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इसके साथ ही देश में गैस की सप्लाई को लेकर भी जानकारी दी गई है। भारत में रोजाना लगभग 80,000 टन एलपीजी की जरूरत होती है, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 46,000 टन के आसपास ही है। इस कमी को पूरा करने के लिए अमेरिका से अतिरिक्त गैस मंगवाई जा रही है, जिसकी डिलीवरी जून से जुलाई के बीच होने की उम्मीद है। सभी ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें और माई एलपीजी पोर्टल पर जाकर अपनी अगली बुकिंग की तारीख जरूर चेक कर लें।
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