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3 min read | अपडेटेड April 21, 2025, 08:19 IST
सारांश
भारत और अमेरिका के बीच 23 अप्रैल से वॉशिंगटन में तीन दिवसीय वार्ता शुरू होगी, जिसमें टैरिफ, कस्टम ड्यूटी समेत चार अहम मुद्दों पर बात होने की उम्मीद की जा रही है। इस वार्ता का असर भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड रिश्तों पर भी पड़ सकता है।

भारत-अमेरिका के बीच 23 अप्रैल से शुरू होगी तीन दिवसीय वार्ता
अमेरिका ने 2 अप्रैल को दुनिया के तमाम देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान किया था और फिर 9 अप्रैल को इसे तीन महीने के लिए टाल दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से दूसरी बार अपना कार्यकाल संभाला है, टैरिफ को लेकर उनके फैसलों से दुनिया भर के शेयर मार्केट में खलबड़ी देखने को मिली है। भारतीय शेयर मार्केट हालांकि पिछले कुछ दिनों में इससे उबरता हुआ देखा गया है, लेकिन साथ ही सबकी निगाहें इस पर टिकी हुई हैं कि ट्रंप का टैरिफ को लेकर अगला कदम क्या होगा? इस बीच भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत में तेजी आ रही है। दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के बीच पहली आमने-सामने की तीन दिवसीय वार्ता 23 अप्रैल को वॉशिंगटन में शुरू होने वाली है।
अमेरिका ने भारत को रेसिप्रोकल टैरिफ से 90 दिन की राहत दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान दोनों देश किसी सहमति पर पहुंच जाएंगे। दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी कि संदर्भ की शर्तों (टीओआर) को भी अंतिम रूप दिया है। अमेरिका और भारत की कोशिश है कि इस साल सितंबर-अक्टूबर तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले राउंड को पूरा कर लिया जाए।
इसके तहत, दोनों पक्ष सीमित संख्या में वस्तुओं के लिए अधिक बाजार पहुंच और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। इससे बाद के राउंड में अधिक जटिल वार्ता (जैसे सरकारी खरीद और डिजिटल व्यापार जैसे मुद्दे) के लिए स्टेज तैयार हो सकता है। भारत ने पहले भी ऑस्ट्रेलिया के साथ इस तरह चरणों में समझौता किया है। भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता 29 दिसंबर, 2022 को लागू हुआ था। अब दोनों देश इसके दायरे को बढ़ाकर एक व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए टीओआर में लगभग 19 चैप्टर्स हैं। इनमें टैरिफ, सामान, गैर-शुल्क बाधाएं और कस्टम ड्यूटी सुविधा जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है। वार्ता को और तेजी देने के लिए भारत का एक आधिकारिक दल अगले सप्ताह अमेरिका जा रहा है। भारत के मुख्य वार्ताकार, वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल, दोनों देशों के बीच आमने-सामने की पहली वार्ता के लिए टीम का नेतृत्व करेंगे। अग्रवाल को 18 अप्रैल को अगले वाणिज्य सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। वह 1 अक्टूबर से पदभार ग्रहण करेंगे।
वॉशिंगटन में अमेरिकी समकक्षों के साथ भारतीय आधिकारिक टीम की तीन दिवसीय वार्ता बुधवार (23 अप्रैल) से शुरू होगी। बातचीत में टैरिफ, गैर-शुल्क बाधाएं, उत्पत्ति के नियम और विनियामक मामले जैसे मुद्दे शामिल होंगे। तीन दिवसीय विचार-विमर्श बहुत अहम है, क्योंकि एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पहले कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा घोषित 90-दिन के शुल्क विराम के दौरान अंतिम रूप दिया जा सकता है।
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