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4 min read | अपडेटेड January 30, 2026, 09:17 IST
सारांश
वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। गुरुवार को रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद कीमतों में मुनाफावसूली के कारण कुछ गिरावट आई थी। शुक्रवार को सोना 5,400 डॉलर और चांदी 115 डॉलर के पास कारोबार कर रहे हैं।

सोने और चांदी की रिटेल मार्केट में क्या है कीमत?
भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ समय से जारी सोने और चांदी की तूफानी तेजी पर अब ब्रेक लगता हुआ नजर आ रहा है। रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। MCX आज गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में जोरदार गिरावट देखी जा रही है। सुबह 9:10 बजे MCX गोल्ड 10 ग्राम का भाव 7,612 रुपये यानी 4.49 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 1,61,791 रुपये पर दर्ज किया गया। वहीं MCX सिल्वर भी दबाव में दिखी और 1 किलो चांदी 21,878 रुपये यानी 5.47 फीसदी टूटकर 3,78,015 रुपये पर खुली। कीमती धातुओं पर वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और मुनाफावसूली का असर साफ नजर आया, जिससे ओपनिंग में तेज बिकवाली देखने को मिली।
घरेलू बाजार की बात करें तो आज सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव अब 1,75,340 रुपये के स्तर पर आ गया है। आपको बता दें कि कुछ समय पहले ही सोने ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे, लेकिन अब इसमें आई इस कमी ने बाजार के समीकरण बदल दिए हैं। सोने की कीमतों में आई इस नरमी को बाजार के विशेषज्ञ एक सुधार के तौर पर देख रहे हैं। 1,75,340 रुपये का यह भाव ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रेरित कर सकता है।
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी आज कुछ फीकी पड़ती दिखाई दे रही है। चांदी की कीमतों में भी जोरदार गिरावट आई है, जो कि निवेशकों के लिए एक बड़ा अपडेट है। आईबीजेए के मुताबिक, अब 1 किलो चांदी की कीमत कम होकर 3,79,988 रुपये पर पहुंच गई है। चांदी के दामों में आई यह कमी इस बात का संकेत है कि अब बाजार में मुनाफा वसूली का दौर शुरू हो गया है। जो लोग चांदी में बड़े स्तर पर निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए 3,79,988 रुपये प्रति किलो का यह भाव काफी आकर्षक साबित हो सकता है। चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट बाजार की भविष्य की चाल को तय करने में मदद करेगी।
इंटरनेशनल बाजार में कीमतें अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 3% नीचे बनी हुई हैं। गुरुवार को सोने और चांदी दोनों ने अब तक का सबसे उच्चतम स्तर छुआ था, जिसके बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने की वजह से कीमतों में तेज गिरावट आई थी। इसके बावजूद आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण ये धातुएं 1980 के दशक के बाद से अपने सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रही हैं।
शुक्रवार को एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 5,400 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले गुरुवार को सोना 5,594.82 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद 5.7% से ज्यादा गिरा था और सत्र के अंत में मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था। दूसरी ओर चांदी की कीमतों में भी मामूली सुधार हुआ है और यह शुक्रवार को 115 डॉलर पर ट्रेड कर रही है। गुरुवार को चांदी ने भी 121.64 डॉलर का अपना रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जिसके बाद इसमें 2% की गिरावट दर्ज की गई थी।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार इस तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक कारण हैं। इनमें प्रमुख सहयोगियों के साथ टैरिफ को लेकर बढ़ा तनाव, वेनेजुएला और ईरान से जुड़े जोखिम और ग्रीनलैंड से जुड़ी रणनीतिक चिंताएं शामिल हैं। इसके साथ ही अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने की बढ़ती संभावना ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को और बढ़ा दिया है। वैश्विक विकास में सुस्ती, अमेरिका के ऊंचे कर्ज और डॉलर की संरचनात्मक कमजोरी ने भी निवेशकों को इस ओर आकर्षित किया है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। अब निवेशकों की नजर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के उत्तराधिकारी के नाम के ऐलान पर टिकी है। पॉवेल का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है। बाजार को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक जून में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। जानकारों का कहना है कि इन परिस्थितियों में कीमतों में आने वाली छोटी गिरावट पर भी खरीदार दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे बाजार का रुख पूरी तरह तेजी की ओर बना हुआ है।
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