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3 min read | अपडेटेड January 23, 2026, 09:19 IST
सारांश
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने शुक्रवार को नया रिकॉर्ड बनाया है। वैश्विक स्तर पर सोना 4,960 डॉलर और चांदी 97 डॉलर के करीब पहुंच गई है। भारत में एमसीएक्स पर सोना 1.57 लाख रुपये के पार चला गया है। डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव इस तेजी के मुख्य कारण हैं।

सोने और चांदी की कीमतों ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड
वैश्विक और घरेलू सर्राफा बाजार में आज एक नया इतिहास रचा गया है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को छू लिया है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वायत्तता को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेल दिया है। इस जबरदस्त मांग के कारण सोने की कीमतों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 4,960 डॉलर प्रति औंस के पार निकलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही और इसने 97 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचकर निवेशकों को मालामाल कर दिया है।
आज सुबह MCX बुलियन बाजार में तेज़ी साफ दिखाई दी। चांदी 1 किलो के भाव में ₹9,361 यानी करीब 2.86% की मजबूती के साथ ₹3,36,650 पर ट्रेड करती दिखी, जहां दिन का दायरा ₹3,32,000 से ₹3,39,927 रहा और इसने लाइफटाइम हाई को छू लिया। वहीं सोना 10 ग्राम के भाव में ₹2,281 यानी 1.46% की बढ़त के साथ ₹1,58,622 पर कारोबार करता नजर आया, जिसमें दिन का लो ₹1,57,500 और हाई ₹1,59,226 रहा।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के शुरुआती घंटों में सोने की कीमतों में 0.5 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जिससे यह 4,959.39 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। चांदी की बात करें तो इसमें 0.7 प्रतिशत का उछाल आया और यह 96.91 डॉलर के भाव पर ट्रेड करती दिखी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व की बार-बार की जा रही आलोचना और वेनेजुएला, ईरान व ग्रीनलैंड में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों ने इस तेजी को हवा दी है। निवेशक अब सरकारी बॉन्ड और मुद्राओं के बजाय सोने और चांदी जैसे ठोस एसेट्स में पैसा लगाना अधिक सुरक्षित समझ रहे हैं, जिसे बाजार की भाषा में डिबेसमेंट ट्रेड कहा जा रहा है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए के अनुसार, 24 कैरेट सोने की दर 1,51,128 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं चांदी की प्रति किलोग्राम दर 2,99,711 रुपये के स्तर पर बनी हुई है। बाजार में छाई इस तेजी ने आम खरीदारों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन निवेशकों के लिए यह चांदी काटने जैसा समय है। सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि शादियों के सीजन के बीच इतनी बड़ी तेजी से मांग पर असर पड़ सकता है, लेकिन निवेश के नजरिए से सोना अभी भी पहली पसंद बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट ने भी इन कीमती धातुओं को वैश्विक स्तर पर और अधिक महंगा बना दिया है।
मशहूर लेखक और निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर चांदी को लेकर अपना उत्साह जताया है। उन्होंने मौजूदा आर्थिक हालातों में चांदी को सोने से भी बेहतर निवेश बताया है। कियोसाकी ने भविष्यवाणी की है कि साल 2026 में चांदी की कीमतें 200 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती हैं। उनका मानना है कि दुनिया भर में जिस तरह के आर्थिक संकट के बादल मंडरा रहे हैं, उसमें चांदी एक बहुत ही शक्तिशाली एसेट बनकर उभरेगी।
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