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Gold-Silver Price: जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद क्यों दबाव में हैं सोना-चांदी? समझिए पूरा मामला

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 09, 2026, 17:37 IST

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सारांश

दिलचस्प बात यह है कि जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने के बावजूद सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 17 फीसदी नीचे है। इसके अलावा चांदी तो अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 40 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है।

गोल्ड और सिल्वर

जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर भी क्यों गोल्ड और सिल्वर दिख रहे सुस्त?

Gold-Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से दबाव बना हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने के बावजूद सोना अपने ऑल टाइम हाई से करीब 17 फीसदी नीचे है। इसके अलावा चांदी तो अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 40 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है। बता दें कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर इनकी कीमतों में दबाव की वजह क्या है।

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आज क्या है सोने-चांदी का भाव

आज 09 मार्च को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने का भाव करीब 1 फीसदी या 1460 रुपये की गिरावट के साथ 160174 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा था। वहीं दूसरी तरफ चांदी भी MCX पर करीब 2 फीसदी या 5065 रुपये टूटकर 263220 रुपये प्रति किलो के भाव पर आ गया है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव 1.72 फीसदी की गिरावट के साथ 5,080.93 डॉलर प्रति औंस पर है। वहीं चांदी भी 1.49 परसेंट टूटकर 83.28 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

सोने-चांदी पर इन फैक्टर्स का दिख रहा असर

हाल के महीनों में सोने की कीमतों में तेजी के बाद अब कीमती धातुओं में गिरावट का एक बड़ा कारण निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली है। कई निवेशकों ने सोने की कीमतों में आई तेजी के दौरान अच्छा लाभ कमाया था, इसलिए अब वे अपने कुछ निवेश बेच रहे हैं। ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अन्य एसेट्स में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेचकर नकदी जुटा रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज़ उछाल आया है। वैश्विक बेंचमार्क Brent Crude करीब $120 प्रति बैरल के पास पहुंच गया है, जो महामारी के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक है। तेल की बढ़ती कीमतें आमतौर पर दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका को बढ़ा देती हैं। इससे केंद्रीय बैंकों के लिए मौद्रिक नीति तय करना और कठिन हो जाता है, क्योंकि उन्हें महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों को ऊंचा रखना पड़ सकता है।

इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है। बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर कई निवेशक सुरक्षित और अधिक तरल एसेट के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड भी बढ़ी है, क्योंकि यह आशंका बढ़ रही है कि लगातार ऊंची महंगाई के कारण Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार में जो हलचल दिखाई दे रही है, वह लंबे समय के रुझान में बदलाव नहीं बल्कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव है। फिलहाल बाजार मिडिल ईस्ट की घटनाओं पर काफी संवेदनशील बना हुआ है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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