बिजनेस न्यूज़
.png)
4 min read | अपडेटेड January 09, 2026, 09:19 IST
सारांश
गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई। डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातुओं के दाम गिर गए। एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,36,443 रुपये और चांदी 2,40,600 रुपये प्रति किलो तक नीचे आ गई। निवेशक अब अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

सोने और चांदी की रिटेल मार्केट में क्या है कीमत?
09 जनवरी 2026 को शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स बुलियन बाजार में हल्की तेजी देखने को मिली। सोना (10 ग्राम) 254 रुपये या 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,37,996 रुपये पर ट्रेड करता नजर आया। वहीं चांदी (1 किलो) में भी मजबूती दिखी और यह 1,713 रुपये या 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,45,037 रुपये पर पहुंच गई।
कल काफी बिकवाली देखी गई थी। बाजार में बिकवाली का यह दौर अब और भी तेज हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो दूसरी करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए सोना और चांदी जैसी चीजें खरीदना महंगा हो जाता है। यही कारण है कि निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं और बाजार में दबाव बना हुआ है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर फरवरी के सोने के वायदा भाव में 1,566 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट इतनी अधिक थी कि सोना 1,36,443 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा दिन है जब सोने की कीमतों में कमी देखी गई है। हालांकि अगर हम साल 2026 की शुरुआत से तुलना करें तो सोना अब भी 1.14 प्रतिशत की बढ़त पर बना हुआ है। साल 2025 में सोने की कीमतों में 76.5 प्रतिशत का भारी उछाल आया था, जिसे देखते हुए यह गिरावट एक सामान्य सुधार या प्रॉफिट बुकिंग भी मानी जा रही है।
चांदी के वायदा भाव में भी गुरुवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख बना रहा। अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कमजोर होने से चांदी के दाम गिर गए। निवेशक अमेरिकी नौकरियों के महत्वपूर्ण आंकड़ों के आने से पहले मुनाफावसूली कर रहे हैं। एमसीएक्स पर मार्च की चांदी 2,40,600 रुपये प्रति किलो तक नीचे लुढ़क गई। अपने रिकॉर्ड स्तर से चांदी अब करीब 15,000 से 16,000 रुपये प्रति किलो तक नीचे कारोबार कर रही है। ग्लोबल मार्केट में भी चांदी पर दबाव साफ दिख रहा है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े मिले-जुले आंकड़ों ने निवेशकों के मन में उलझन पैदा कर दी है। नवंबर में अमेरिका में नौकरियों के नए अवसर उम्मीद से काफी कम रहे हैं, जिससे लेबर डिमांड में कमी आने के संकेत मिले हैं। इसके बावजूद डॉलर इंडेक्स बढ़कर 98.7 के स्तर पर पहुंच गया है। डॉलर में पिछले तीन दिनों से लगातार तेजी बनी हुई है। निवेशकों का ध्यान अब गुरुवार को आने वाले साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम और शुक्रवार की एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट पर टिका हुआ है। इन आंकड़ों से साफ होगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में अपनी ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला ले सकता है।
घरेलू बाजार में भी सोना कमजोर हुआ है। गुड रिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने का भाव आज ₹1,38,140 प्रति 10 ग्राम है। ऐसा ही हाल चांदी का भी है। सिल्वर भी हल्की गिरावट के साथ ₹2,52,000 प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
दुनिया भर में चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर अटलांटिक महासागर से आई है। अमेरिका ने बुधवार को वेनेजुएला से जुड़े दो तेल टैंकरों को जब्त कर लिया है। इस तरह के तनावपूर्ण माहौल में अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है। बैंकिंग दिग्गज एचएसबीसी ने अनुमान जताया है कि साल 2026 की पहली छमाही में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू सकता है। इसके पीछे बढ़ते हुए सरकारी कर्ज और भू-राजनीतिक खतरों को मुख्य कारण बताया गया है।
चांदी को लेकर भी एक्सपर्ट्स की राय काफी सकारात्मक है। एचएसबीसी के अनुसार साल 2026 में चांदी 58 डॉलर से 88 डॉलर के बीच रह सकती है। सप्लाई में कमी और निवेश की मजबूत मांग के कारण चांदी की कीमतों को सहारा मिलेगा। हालांकि बाजार में साल के आखिरी महीनों में गिरावट या सुधार की चेतावनी भी दी गई है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,475 डॉलर और चांदी 76.175 डॉलर प्रति औंस के आसपास चल रहा है। इस समय बाजार में सोने और चांदी का अनुपात 59 के करीब पहुंच गया है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
How To Use Open Interest For Intraday Trading: Complete Guide
What Is Stop Loss In Trading? Meaning, Types, & How To Use It
What Is ICRA? Why Its Credit Ratings Matter To Investors
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs