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3 min read | अपडेटेड April 13, 2026, 09:24 IST
सारांश
हफ्ते के पहले दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। MCX पर सोना करीब 1,105 रुपये और चांदी 4,912 रुपये सस्ती होकर खुली है।

सोने और चांदी की कीमतों में देखी गई गिरावट।
हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों और डॉलर की मजबूती की वजह से घरेलू वायदा बाजार यानी MCX पर कीमती धातुओं के दाम धड़ाम हो गए हैं। सोना और चांदी खरीदने की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है क्योंकि कीमतों में एक बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर जून फ्यूचर के लिए सोने का भाव 1,105 रुपये या 0.72 पर्सेंट गिरकर 1,51,547 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इससे पहले यह 1,52,652 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था। चांदी की बात करें तो मई फ्यूचर के लिए चांदी की कीमत में 4,912 रुपये या 2.01 पर्सेंट की भारी गिरावट आई है। आज चांदी 2,38,362 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर खुली, जबकि पिछले सेशन में यह 2,43,274 रुपये पर बंद हुई थी।
ग्लोबल मार्केट में भी सोने की चमक फीकी पड़ती दिख रही है। इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.1 पर्सेंट गिरकर 4,694.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। यह 7 अप्रैल के बाद का सबसे निचला लेवल है। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर भी 1.4 पर्सेंट की गिरावट के साथ 4,717.80 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी 1.9 पर्सेंट की कमी आई है और यह 74.45 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गई है। डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती ने सोने को दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए महंगा बना दिया है, जिससे डिमांड पर असर पड़ा है।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी IBJA की तरफ से जारी आंकड़ों को देखें तो पिछले कुछ दिनों में कीमतों में काफी बदलाव हुआ है। 10 अप्रैल 2026 को 999 प्योरिटी वाले सोने का रेट 1,50,327 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं 916 प्योरिटी यानी 22 कैरेट सोने का भाव 1,37,700 रुपये रहा। 10 अप्रैल को चांदी का रेट 2,39,934 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था। अगर इसकी तुलना 8 अप्रैल के डेटा से करें, जब सोना 1,51,121 रुपये पर था।
सोने की कीमतों में इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा विवाद है। दोनों देशों के बीच सीजफायर की बातचीत फेल होने के बाद अमेरिका हॉर्मुज की नाकेबंदी करने की तैयारी में है। इससे कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार चली गई हैं, जिससे इन्फ्लेशन यानी महंगाई बढ़ने का डर सता रहा है। इन हालातों को देखते हुए ट्रेडर्स को अब इस साल अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बहुत कम नजर आ रही है। जब ब्याज दरें घटने की उम्मीद कम होती है, तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति पर दबाव बढ़ जाता है।
सोने और चांदी के अलावा अन्य कीमती धातुओं में भी मिला-जुला असर देखा गया। प्लेटिनम की कीमतों में 1.3 पर्सेंट की गिरावट आई और यह 2,019.35 डॉलर पर आ गया। हालांकि पैलेडियम में थोड़ी मजबूती दिखी और यह 0.7 पर्सेंट बढ़कर 1,531.50 डॉलर पर पहुंच गया। गौरतलब है कि 28 फरवरी को जब से ईरान का अमेरिका और इजरायल के साथ विवाद शुरू हुआ है, तब से स्पॉट गोल्ड की कीमतों में करीब 11 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
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