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4 min read | अपडेटेड November 11, 2025, 09:08 IST
सारांश
Gold-Silver Price Today: कमजोर डॉलर और मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई। अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीद से निवेशकों ने सोने में सुरक्षित निवेश बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4082 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया है।

कमजोर डॉलर और वैश्विक संकेतों के कारण सोने की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया।
Gold-Silver Price 11 Nov: MCX पर आज सुबह सोना–चांदी की तेजी जारी है। 11 नवंबर 09:02 के लेटेस्ट कोट्स के मुताबिक गोल्ड में 0.92% की बढ़त दिखी और दाम 1,25,107 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए हैं। वहीं सिल्वर में भी 1% से ज्यादा की तेजी है और कीमतें 1,55,270 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही हैं। आज के शुरुआती सेशन में दोनों बुलियन कॉन्ट्रैक्ट्स अपने डे हाई के नजदीक बने हुए हैं जबकि लॉन्ग टर्म में गोल्ड का लाइफटाइम हाई 1,32,294 रुपये और सिल्वर का 1,70,415 रुपये है।
यह हफ्ता सोने और चांदी के खरीदारों के लिए बड़ा झटका लेकर आया है। मजबूत वैश्विक संकेतों और कमजोर पड़ते अमेरिकी डॉलर के बीच दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में आग लग गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी कि सोमवार को सोने की कीमत में 1,300 रुपए प्रति 10 ग्राम की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई।
इस बड़े उछाल के बाद, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 1,25,900 रुपए प्रति 10 ग्राम के नए स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले, पिछले बाजार सत्र यानी शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,24,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसी तरह, 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 1,300 रुपए बढ़कर 1,25,300 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई, जो शुक्रवार को 1,24,000 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी निवेशकों को चौंका दिया। सोने की राह पर चलते हुए चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। एसोसिएशन के अनुसार, सोमवार को चांदी की कीमतें 2,460 रुपए की बड़ी छलांग लगाकर 1,55,760 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) हो गईं। आपको बता दें कि शुक्रवार को चांदी का बंद भाव 1,53,300 रुपए प्रति किलोग्राम था। यानी एक ही दिन में चांदी 2400 रुपए से ज्यादा महंगी हो गई।
बाजार के जानकारों का कहना है कि इस बेतहाशा तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण प्रमुख हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि सोने में कारोबार की शुरुआत ही सकारात्मक रुख के साथ हुई। इसकी मुख्य वजह सुरक्षित निवेश की मौजूदा मांग और अमेरिका के कमजोर वृहद आर्थिक आंकड़े हैं। इन कमजोर आंकड़ों ने इस बात की उम्मीदें बढ़ा दी हैं कि अगले महीने होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है। सौमिल गांधी ने यह भी कहा कि कमजोर डॉलर ने सर्राफा यानी सोने-चांदी की कीमतों को और समर्थन दिया है।
सौमिल गांधी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति पर और जानकारी देते हुए कहा कि हाल के अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़ों से यह पता चला है कि नवंबर में उपभोक्ता धारणा लगभग साढ़े तीन साल के निचले स्तर पर आ गई है। यह एक बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा, निजी रिपोर्टों से यह भी संकेत मिल रहा है कि अक्टूबर के महीने में नौकरियों का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी अमेरिका में आर्थिक और नीतिगत अनिश्चितता का जो माहौल बना हुआ है, वह कीमती धातुओं (सोना-चांदी) के लिए अनुकूल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले सप्ताह में सोना और चांदी सकारात्मक रुझान के साथ एक बड़े दायरे में मजबूत बने रहेंगे।
घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी सोने-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 83.12 डॉलर यानी 2.08 प्रतिशत की बड़ी बढ़त के साथ 4,082.84 डॉलर प्रति औंस हो गया। वहीं, हाजिर चांदी भी 3.30 प्रतिशत उछलकर 49.93 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जिंस और मुद्रा के उपाध्यक्ष (शोध विश्लेषक) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि कमजोर डॉलर और अमेरिकी सरकार के कामकाज फिर से शुरू होने के बाद बनी सकारात्मक धारणा के कारण सोने की कीमतों में यह तेजी आई है। उन्होंने कहा कि अब बाजार का ध्यान अमेरिका में आने वाले उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और भारत में सीपीआई और डब्ल्यूपीआई महंगाई के आंकड़ों पर केंद्रित है। यही आंकड़े बाजार की छोटी अवधि की दिशा तय करेंगे।
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