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4 min read | अपडेटेड November 12, 2025, 09:25 IST
सारांश
Gold Price 12 Nov: सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। सोना 1500 रुपये और चांदी 2800 रुपये महंगी हो गई। स्थानीय बाजार में सोना 1,25,000 रुपये पर पहुंच गया। यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती के संकेतों और शटडाउन की चिंता कम होने से आई है।

Gold-Silver: इस साल जबरदस्त रैली देखने के बाद गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में अब गिरावट का रुख है।
Gold Price 12 Nov: आज बुलियन बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेजी देखने को मिल रही है। एमसीएक्स पर सोना 0.24% की बढ़त के साथ ₹1,24,215 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.55% चढ़कर ₹1,55,533 प्रति किलोग्राम के भाव पर कारोबार कर रही है। घरेलू बाजार में कीमती धातुओं में यह तेजी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स में नरमी और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने के कारण देखने को मिल रही है।
शादियों का सीजन शुरू होते ही सोने और चांदी की कीमतों ने आम खरीदार को बड़ा झटका दिया है। मंगलवार को कीमती धातुओं के भाव आसमान पर पहुंच गए। स्थानीय सर्राफा बाजार में सोना 1500 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया, वहीं चांदी की कीमतों में 2800 रुपये प्रति किलोग्राम की आग लग गई। यह जोरदार तेजी केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और वायदा कारोबार में भी मजबूती का रुख बना हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से अमेरिकी घटनाक्रम जिम्मेदार हैं।
ताजा बढ़ोतरी के बाद स्थानीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को 10 ग्राम सोने का भाव 1,25,000 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह कीमत अपने आप में एक नया कीर्तिमान है। वहीं, एक किलोग्राम चांदी की कीमत 1,56,500 रुपये हो गई। खुदरा बाजार में चांदी के सिक्के की कीमत भी बढ़कर 1850 रुपये प्रति नग (पीस) पर पहुंच गई है। अचानक आई इस बड़ी तेजी से उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जहां जल्द ही शादियां होने वाली हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी की चमक बरकरार रही। यह लगातार चौथा दिन था जब सोने के भाव चढ़े। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलिवरी वाले सोने का वायदा भाव 725 रुपये (0.58 प्रतिशत) बढ़कर 1,24,695 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इसी तरह, फरवरी 2026 के दूर के अनुबंध का भाव भी 736 रुपये (0.59 प्रतिशत) चढ़कर 1,26,101 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
चांदी भी सोने के कदम से कदम मिलाकर चली। दिसंबर अनुबंध वाली चांदी 639 रुपये (0.42 प्रतिशत) महंगी होकर 1,54,330 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। वहीं, मार्च 2026 का अनुबंध 632 रुपये बढ़कर 1,56,880 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। पहला, अमेरिकी सरकार के वित्तपोषण को लेकर जो दिक्कतें चल रही थीं और सरकारी कामकाज ठप (शटडाउन) होने का जो डर बना हुआ था, वह फिलहाल कम हो गया है। जब भी ऐसी बड़ी अनिश्चितता होती है, तो निवेशक घबराते हैं, लेकिन फिलहाल यह चिंता टलने से बाजार को थोड़ी राहत मिली है।
दूसरा और सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (अमेरिका का केंद्रीय बैंक) का रुख है। बाजार में यह उम्मीद बहुत बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व दिसंबर में होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। हाल ही में फेडरल रिजर्व के गवर्नर स्टीफन मिरान ने भी संकेत दिया है कि बढ़ती बेरोजगारी और सुस्त महंगाई से निपटने के लिए 0.50 प्रतिशत की बड़ी कटौती की जा सकती है।
जब अमेरिका में ब्याज दरें घटती हैं, तो डॉलर इंडेक्स कमजोर हो जाता है। यानी दुनिया की दूसरी करेंसी के मुकाबले डॉलर की कीमत कम होती है। मंगलवार को डॉलर इंडेक्स में कमजोरी देखी गई, जिससे निवेशकों ने मुनाफावसूली की। जब डॉलर कमजोर होता है, तो निवेशक अपना पैसा डॉलर से निकालकर सुरक्षित निवेश के ठिकानों पर लगाते हैं। सोना हमेशा से ही सबसे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) माना जाता रहा है। इसी 'सेफ हेवन' मांग के बढ़ने से सोने की कीमतों को पंख लग गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना महंगा हुआ है। कॉमेक्स पर दिसंबर डिलिवरी वाला सोना 18.75 डॉलर बढ़कर 4,140.75 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी भी 0.08 प्रतिशत बढ़कर 50.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। मेहता इक्विटीज के उपाध्यक्ष (जिंस) राहुल कलंत्री ने कहा कि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और सुरक्षित निवेश की मांग ने सर्राफा कीमतों को बढ़ावा दिया है। बाजार की नजरें अब फेडरल रिजर्व की अगली बैठक पर टिकी हैं, जहां ब्याज दरों पर कोई भी फैसला सोने-चांदी की अगली दिशा तय करेगा।
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