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3 min read | अपडेटेड October 24, 2025, 10:11 IST
सारांश
सोना अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आ गया है। हाल ही में मिडिल ईस्ट तनाव और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी से दाम बढ़े थे। लेकिन अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और मजबूत डॉलर के कारण कीमतों पर दबाव है।

सोने-चांदी का भाव
सोने-चांदी की कीमतों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर गोल्ड 1.01% टूटकर ₹1,22,850 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि सिल्वर 1.73% फिसलकर ₹1,45,949 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। दोनों कीमती धातुओं में यह गिरावट डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में दबाव के चलते आई है।
यह तेजी बुधवार को आई एक ऐतिहासिक गिरावट के बाद आई है। बुधवार को बाजार में मुनाफावसूली इतनी तेज थी कि सोने का वायदा भाव ₹6,414 यानी पांच प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ ₹1,21,857 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। यह कई महीनों की सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी। इसी तरह, चांदी भी ₹4,769 यानी 3.17 प्रतिशत टूटकर ₹1,45,558 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई थी। विश्लेषकों ने कहा कि यह तेज गिरावट अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार के साथ सुरक्षित निवेश की मांग में कमी आने का नतीजा है। दिवाली अवकाश के कारण बुधवार के पहले पहर में जिंस बाजार बंद थे और शाम के समय कारोबार शुरू होते ही यह बिकवाली हावी हो गई थी।
बुधवार की भारी गिरावट के बाद, गुरुवार को निवेशकों ने निचले स्तरों पर फिर से खरीदारी शुरू कर दी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर आपूर्ति वाला सोना ₹2,093 यानी 1.72 प्रतिशत बढ़कर ₹1,23,950 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। कारोबार के दौरान यह अनुबंध ₹1,24,233 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर भी चला गया था। सोने के साथ ही चांदी की चमक भी लौट आई। दिसंबर आपूर्ति वाले चांदी वायदा का भाव ₹3,532 यानी 2.43 प्रतिशत बढ़कर ₹1,49,090 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, इस भारी उतार-चढ़ाव के पीछे कई कारण हैं। निवेशकों का मुख्य ध्यान लंबे समय से जारी अमेरिका-चीन व्यापार गतिरोध पर बना हुआ है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अगले सप्ताह संभावित बैठक से पहले अमेरिका नए निर्यात प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘ट्रंप के बदलते नीतिगत विचारों से बनी अनिश्चितता के कारण गुरुवार को मामूली उछाल आया क्योंकि निवेशक निचले स्तर पर फिर से निवेश करने की सोच रहे थे। अधिक खरीद वाले स्तरों से भारी मुनाफावसूली होने और भारत एवं चीन के साथ अमेरिकी व्यापार वार्ता को लेकर उपजी नई उम्मीदों के कारण बुधवार को पांच प्रतिशत की गिरावट आई थी।’’
यह भारी उथल-पुथल ऐसे समय में आई है जब धनतेरस के पहले (शुक्रवार को) सोने और चांदी ने अपना रिकॉर्ड बनाया था। एमसीएक्स पर सोना ₹1,32,294 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,70,415 रुपये प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही हाल है। सप्ताह की शुरुआत में सोना लगभग छह प्रतिशत गिर गया था, जो एक दशक से भी अधिक समय में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी। हालांकि, बृहस्पतिवार को कॉमेक्स पर सोना 2.26 प्रतिशत बढ़कर 4,157.31 डॉलर प्रति औंस हो गया। अब निवेशकों की नजरें अमेरिकी मुद्रास्फीति के आने वाले आंकड़ों पर टिकी हैं, जो सोने-चांदी की निकट भविष्य की दिशा तय करने के लिए एक महत्वपूर्ण कारक होगा।
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