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4 min read | अपडेटेड November 10, 2025, 09:55 IST
सारांश
दिल्ली सर्राफा बजार में सोना 100 रुपये सस्ता हुआ, लेकिन विदेशी बजार में इसकी कीमत बढ़ गई। अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप होने और शेयर बजार में मंदी की आशंका के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

सोने का क्या है ताजा भाव?
MCX पर आज सोना–चांदी में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। 10 नवंबर 09:46 बजे के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक गोल्ड 1.15% उछलकर 1,22,459 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। वहीं सिल्वर में लगभग 2% की बड़ी तेजी दिखी है और दाम 1,50,537 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। आज के सेशन में दोनों ही बुलियन कॉन्ट्रैक्ट अपने डे हाई के आस-पास ट्रेड कर रहे हैं जबकि लॉन्ग टर्म में गोल्ड का लाइफटाइम हाई 1,32,294 रुपये और सिल्वर का 1,70,415 रुपये बना हुआ है।
आभूषण विक्रेताओं और स्टॉकिस्टों की ताजा बिकवाली के दबाव के कारण सोना 100 रुपये सस्ता हो गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, इस गिरावट के बाद सोने का भाव 1,24,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि, चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और वह अपने पुराने स्तर पर ही टिकी रही।
स्थानीय सर्राफा बजार के आंकड़ों को देखें तो 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 100 रुपये की गिरावट आई। यह बृहस्पतिवार के बंद भाव 1,24,100 रुपये से गिरकर 1,24,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। इसी तरह, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव, जो पिछले कारोबारी सेशन में 1,24,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, वह भी गिर गया। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों ने आज कोई हलचल नहीं दिखाई। शुक्रवार को चांदी की कीमत सभी करों सहित 1,53,300 रुपये प्रति किलोग्राम पर ही स्थिर रही।
दिल्ली बजार के उलट, वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। हाजिर सोना 19.84 डालर यानी 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,996.93 डालर प्रति औंस पर पहुंच गया। सोने के साथ-साथ हाजिर चांदी में भी तेजी रही और यह 0.96 प्रतिशत बढ़कर 48.48 डालर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
जिंस बजार के जानकारों का कहना है कि विदेशी बजार में सोने की तेजी के पीछे बड़ी वजहें हैं। निवेशकों के बीच शेयर बजारों में एआई-संचालित तेजी के बुलबुले को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्हें डर है कि यह बुलबुला कभी भी फूट सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी सरकार में कामकाज लंबे समय से ठप (शटडाउन) पड़ा है, जिससे वहां अनिश्चितता का माहौल है। इन दोनों कारणों से निवेशक घबराए हुए हैं और अपना पैसा शेयर बजार से निकालकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्ति में लगा रहे हैं, जिससे सोने की मांग और कीमत बढ़ रही है।
अमेरिका में वित्तपोषण के संकट के कारण कई सरकारी विभागों में 38 दिनों से कामकाज ठप है। इस शटडाउन का असर वहां के आर्थिक उत्पादन पर पड़ रहा है और कई जरूरी आर्थिक आंकड़े भी जारी नहीं हो पा रहे हैं। एक विशेषज्ञ ने कहा कि बजार की यह अनिश्चितता, डालर की कमजोरी और लंबे समय तक चलने वाले 'शटडाउन' के कारण सोने की कीमतों में आगे भी तेजी आने की संभावना है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डालर की मजबूती को आंकने वाला डालर सूचकांक 0.08 प्रतिशत घटकर 99.65 पर आ गया। डालर के कमजोर होने से भी सोने की कीमतों को सहारा मिला है, क्योंकि इससे अन्य मुद्राएं रखने वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, बजार के प्रतिभागी अब अगले हफ्ते पर नजर गड़ाए हुए हैं। आने वाले सप्ताह में फेडरल रिजर्व के सदस्यों के भाषण और अमेरिका तथा भारत, दोनों देशों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आंकड़े जारी होंगे। ये आंकड़े बजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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