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शेयर मार्केट से लेकर स्टार्टअप तक, कैसे बढ़ा है महिलाओं का योगदान? यहां देखें हर एक डेटा

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 07, 2025, 12:45 IST

सारांश

शेयर मार्केट हो या फिर स्टार्टअप बिजनेस महिलाओं की हिस्सेदारी लगातार बढ़ती जा रही है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन (MoSPI) यानी कि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने रविवार को ‘भारत में महिला और पुरुष 2024: सिलेक्टेड इंडिकेटर्स एंड डेटा’ टाइटिल से एक रिपोर्ट पब्लिश की है।

वर्किंग महिलाएं

शेयर मार्केट से लेकर स्टार्टअप तक बढ़ी है महिलाओं की भागीदारी (Photo: Shutterstock)

मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लिमेंटेशन (MoSPI) यानी कि सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने रविवार को ‘भारत में महिला और पुरुष 2024: सिलेक्टेड इंडिकेटर्स एंड डेटा’ टाइटिल से एक रिपोर्ट पब्लिश की है, जिसमें कुछ बहुत ही रोचक आंकड़े सामने आए हैं। देश में 39.2% बैंक अकाउंट्स महिलाओं के पास हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में यह अनुपात 42.2% है। यह पब्लिकेशन भारत में लैंगिक परिदृश्य (जेंडर लैंडस्केप) का एक व्यापक अवलोकन देता है, जिसमें जनसंख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक भागीदारी और निर्णय लेने जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सिलेक्टेड इंडिकेटर्स और डेटा पेश किए गए हैं। ये आंकड़े विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों से प्राप्त किए गए हैं।

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बैंक अकाउंट्स खोलने में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं की भागीदारी बढ़ी मंत्रालय के बयान के मुताबिक, रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं के पास सभी बैंक अकाउंट्स का 39.2% हिस्सा है जबकि कुल जमा में उनका योगदान 39.7% है। ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी भागीदारी सबसे अधिक है, जहां कुल बैंक अकाउंट्स में उनका हिस्सा 42.2% है।

शेयर मार्केट में भी बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ सालों में डीमैट अकाउंट में वृद्धि होना शेयर मार्केट में लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। 31 मार्च, 2021 से 30 नवंबर, 2024 तक डीमैट अकाउंट्स की कुल संख्या चार गुना से अधिक होकर 3.32 करोड़ से बढ़कर 14.30 करोड़ हो गई है। पुरुष डीमैट अकाउंटहोल्डर्स की संख्या लगातार महिला अकाउंटहोल्डर्स से अधिक रही है, लेकिन महिलाओं की भागीदारी में भी वृद्धि देखी गई है। पुरुष अकाउंट्स की संख्या 2021 के 2.65 करोड़ से बढ़कर 2024 में 11.53 करोड़ हो गई, जबकि इसी पीरियड के दौरान महिला अकाउंट्स की संख्या 66.7 लाख से बढ़कर 2.77 करोड़ हो गई।

स्टार्टअप में भी महिलाएं निकली हैं पहले से आगे

वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान मैनुफैक्चरिंग, बिजनेस और अन्य सर्विस सेक्टर्स में महिलाओं की अगुवाई वाले प्रतिष्ठानों का प्रतिशत बढ़ता हुआ देखा गया है। महिला मतदाता पंजीकरण में जबर्दस्त तेजी हुई है। कुल मतदाताओं की संख्या 1952 के 17.32 करोड़ से बढ़कर 2024 में 97.8 करोड़ हो गई। वर्षों से मतदान करने वाली महिलाओं की संख्या में भिन्नता रही है। यह 2019 में 67.2% तक पहुंच गई, लेकिन 2024 में थोड़ी गिरावट के साथ 65.8% रह गई। 2024 में मतदान करने वाली महिलाएं, पुरुषों से आगे निकल गईं।

पिछले कुछ सालों में, डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त ऐसी स्टार्टअप फर्मों की संख्या बढ़ी है, जिसमें कम से कम एक महिला डायरेक्टर है। यह दिखाता है कि महिलाएं नए बिजनेस शुरू करने में भी आगे बढ़ रही हैं। ऐसे स्टार्टअप की कुल संख्या 2017 में 1,943 से बढ़कर 2024 में 17,405 हो गई।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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