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3 min read | अपडेटेड February 26, 2026, 18:23 IST
सारांश
DGCA ने यह भी साफ किया है कि अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खरीदा गया है, तो भी रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की ही होगी, क्योंकि एजेंट एयरलाइन के प्रतिनिधि होते हैं। एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिफंड प्रक्रिया 14 कार्यदिवसों के भीतर पूरी हो जाए।

DGCA ने कहा कि ये नए नियम यात्रियों के हित में बनाए गए हैं।
हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। विमानन नियामक DGCA ने एयर टिकट रिफंड नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब यात्री टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर बिना कोई अतिरिक्त चार्ज दिए टिकट कैंसिल या बदल सकते हैं, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों। यह जानकारी PTI ने दी है।
DGCA ने कहा कि ये नए नियम यात्रियों के हित में बनाए गए हैं। इसके अलावा, अगर यात्री ने एयरलाइन की अपनी वेबसाइट से टिकट बुक किया है और 24 घंटे के भीतर नाम में गलती (उसी व्यक्ति के नाम में) बताता है, तो एयरलाइन नाम सुधारने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकती।
DGCA ने यह भी साफ किया है कि अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए खरीदा गया है, तो भी रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की ही होगी, क्योंकि एजेंट एयरलाइन के प्रतिनिधि होते हैं। एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिफंड प्रक्रिया 14 कार्यदिवसों के भीतर पूरी हो जाए।
इसके अलावा, मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में भी नियम बदले गए हैं। अगर यात्रा अवधि के दौरान यात्री या उसी PNR पर दर्ज परिवार के किसी सदस्य को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो एयरलाइन रिफंड या क्रेडिट शेल देने का विकल्प दे सकती है।
DGCA ने कहा कि अन्य मेडिकल मामलों में रिफंड तभी दिया जाएगा, जब एयरलाइन के एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ या DGCA द्वारा सूचीबद्ध विशेषज्ञ यात्री की यात्रा करने की क्षमता पर अपनी राय दे देंगे।
टिकट रिफंड का मुद्दा दिसंबर 2025 में IndiGo की उड़ानों में आई बाधाओं के दौरान भी काफी चर्चा में रहा था। उस समय Civil Aviation Ministry ने एयरलाइन को तय समय में रिफंड पूरा करने के निर्देश दिए थे।
DGCA ने बताया कि संशोधित CAR 24 फरवरी को जारी किया गया है। इसके तहत एयरलाइंस को यात्रियों को 48 घंटे का ‘Look-in Option’ देना होगा। इस अवधि में यात्री टिकट बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कैंसिल या बदल सकता है, हालांकि बदली गई फ्लाइट का मौजूदा किराया लागू होगा।
हालांकि यह सुविधा उन मामलों में नहीं मिलेगी, जहां डोमेस्टिक फ्लाइट की उड़ान तारीख बुकिंग से 7 दिन से कम हो, इंटरनेशनल फ्लाइट की उड़ान तारीख बुकिंग से 15 दिन से कम हो और टिकट एयरलाइन की वेबसाइट से सीधे बुक किया गया हो।
DGCA ने यह भी स्पष्ट किया कि 48 घंटे की समय-सीमा खत्म होने के बाद यह सुविधा नहीं मिलेगी और फिर यात्रियों को नियमित कैंसिलेशन चार्ज देना होगा। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में एयरलाइंस को 29,212 यात्री शिकायतें मिलीं, जिनमें से 7.5% शिकायतें रिफंड से जुड़ी थीं। उसी महीने घरेलू एयरलाइंस ने 1.43 करोड़ यात्रियों को सफर कराया। DGCA के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट्स में से एक है। साल 2025 में घरेलू एयरलाइंस ने 16.69 करोड़ यात्रियों को यात्रा कराई। नए रिफंड नियमों से यात्रियों की परेशानी कम होने और भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
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