return to news
  1. भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में देखी जा सकती है गिरावट, यहां समझें क्या हैं प्रमुख कारण

बिजनेस न्यूज़

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में देखी जा सकती है गिरावट, यहां समझें क्या हैं प्रमुख कारण

Upstox

2 min read | अपडेटेड April 15, 2025, 08:27 IST

सारांश

भारत में आने वाले कुछ समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। ग्लोबल ट्रेड वॉर के चलते मंदी के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए कच्चे तेल की डिमांड कम हो सकती है और यही वजह है कि पेट्रोल और डीजल के दामों में गिरावट आ सकती है।

पेट्रोल और डीजल के दाम

भारत में गिर सकते हैं पेट्रोल और डीजल के दाम

भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। दरअसल अगस्त 2021 के बाद यह पहला मौका है, जब भारत में कच्चे तेल का एवरेज इंपोर्ट प्राइस 70 डॉलर प्रति बैलर से नीचे आ गया है। वहीं ब्रेंट क्रूड (इंटरनेशनल बेंचमार्क) भी सोमवार को 65 डॉलर पर पहुंच गया है। उम्मीद की जा रही है कि इससे आम जनता को फायदा मिल सकता है और पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है और भारत की अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिल सकता है। भारत अपनी जरूरत का 70% तेल इंपोर्ट करता है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now
ग्लोबल ट्रेड वॉर के खतरे से घट सकती है कच्चे तेल की मांग

शुक्रवार की बात करें तो भारत के कच्चे तेल का एवरेज इंपोर्ट प्राइस 69.39 डॉलर प्रति बैरल रहा, जो पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 22% की गिरावट दर्शाता है। पिछले साल अप्रैल में एवरेज इंपोर्ट प्राइस 89.44 डॉलर प्रति बैरल था। एक्सपर्ट्स की मानें तो दुनिया भर में बढ़ते ग्लोबल ट्रेड वॉर के खतरे और मंदी के डर से कच्चे तेल की मांग घट सकती है और इसका असर कीमतों पर देखने को मिल सकता है। गोल्डमैन सैक्स ने प्रिडिक्ट किया है कि 2025 तक ब्रेंट क्रूड का एवरेज प्राइस 63 डॉलर प्रति बैरल तक रह सकता है, वहीं ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) ने भी तेल की मांग बढ़ने का अनुमान कम कर दिया है।

सरकार ने भी उठाया फायदा

कच्चे तेल की गिरती कीमतों का फायदा सरकार ने भी उठाया है। अप्रैल में सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी यानी कि उत्पाद शुल्क 2 रुपये प्रति लीटर कम कर दिया था, जिससे एलपीजी सिलेंडर को सब्सिडी दी जा सके। इससे सरकार को करीब 32,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा मिला। पेट्रोल मंत्री हरदीप पुरी ने कहा था कि अगर तेल कंपनियों का स्टॉक 60-65 डॉलर प्रति बैलर के लेवल तक पहुंच जाता है, तो इससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर दाम कम किए गए थे, उस समय कच्चे तेल की कीमत 84.49 डॉलर प्रति बैरल थी। अब इसमें 17.87% की गिरावट देखने को मिली है और यह 69.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख