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CNG Price Hike: आज से महंगी होगी CNG, APM गैस प्राइस 4% बढ़ने से जेब होगी ढीली?

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 01, 2025, 08:44 IST

सारांश

CNG Price Increase: सरकार ने पुराने क्षेत्रों से पैदा होने वाली प्राकृतिक गैस के भाव में APM (Administered Price Mechanism) के तहत 4% की वृद्धि की है। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल खाना बनाने वाली गैस, गाड़ियों के ईंधन, उर्वरक जैसे उत्पादों को बनाने के लिए होता है। सरकार ने इसके पहले दो साल पहले APM भावों में इजाफा किया था।

APM गैस घरों में पाइप के जरिए रसोई गैस सप्लाई के लिए इस्तेमाल होती है।

APM गैस घरों में पाइप के जरिए रसोई गैस सप्लाई के लिए इस्तेमाल होती है।

CNG Prices: बिजली से लेकर उर्वरक तक बनाने में काम आने वाली प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के दामों में 4% बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है। ये बदलाव मंगलवार, 1 अप्रैल से लागू होंगे। सरकार ने पुराने क्षेत्रों में पैदा होने वाली गैस के दामों में इजाफा किया है जो APM (Administered Price Mechanism) व्यवस्था के तहत आती है। दो साल में पहली बार APM गैस के दाम बढ़ाए गए हैं।
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APM दाम मंगलवार से $6.50/ मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट्स से बढ़कर $6.75/मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट्स हो जाएंगे। तेल मंत्रालय के पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ ने इस बारे में जानकारी जारी की है।

APM गैस सरकारी कंपनियां- तेल और प्राकृतिक गैस प्राधिकरण (Oil and Natural Gas Corporation,ONGC) और ऑइल इंडिया (Oil India Ltd, OIL) पैदा करती हैं। इन्हें तेल की फील्ड्स नॉमिनेशन के आधार पर हासिल हुई थीं।

क्या होगा असर?

इस गैस का इस्तेमाल पाइप के जरिए किचन तक पहुंचने वाली कुकिंग गैस को बनाने से लेकर गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG (Compressed Natural Gas), उर्वरक और बिजली के उत्पादन में होता है। इनके कच्चे माल की कीमत में इजाफा होने से ग्राहकों के ऊपर बोझ बढ़ सकता है।

दो साल पहले बढ़े थे दाम

इसके पहले अप्रैल, 2023 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू स्तर पर पैदा होने वाली प्राकृतिक गैस के थोक मूल्य को कच्चे तेल के मासिक औसत आयात मूल्य के 10% पर तय करने के लिए एक एक्सपर्ट कमिटी की रिपोर्ट को स्वीकार किया था। इसमें $4/10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) की न्यूनतम कीमत और $6.5 की अधिकतम सीमा तय की गई।

सरकार ने इसके साथ 2027 में पूर्ण विनियमन तक $0.50/यूनिट की सालाना वृद्धि की सिफारिश में बदलाव किया। मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि दो साल तक दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा और उसके बाद सालाना 0.25 डॉलर की वृद्धि की जाएगी। इसी कड़ी में सोमवार को फैसला किया गया है।

पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) ने कहा कि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल, 2025 के लिए APM गैस की कीमत कच्चे तेल की कीमत पर 10% इंडेक्सेशन यानी महंगाई के प्रभाव के हिसाब से $7.26/ यूनिट होनी चाहिए थी लेकिन यह कीमत सीमा के अधीन थी। इस कीमत सीमा को $6.50/यूनिट से बढ़ाकर $6.75 डॉलर कर दिया गया है।

यह सीमा अप्रैल, 2025 से मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेगी और अगले साल अप्रैल में इसमें $0.25/यूनिट की और बढ़त होगी।

पहले क्या थी व्यवस्था?

अप्रैल, 2023 से पहले, APM व्यवस्था के तहत आने वाले क्षेत्रों से पैदा होने वाली गैस की कीमत एक फार्मूले के आधार पर छमाही आधार पर निर्धारित की जाती थी। यह निर्धारण चार गैस व्यापार केंद्रों पर औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर फॉमूले के तहत होता था। APM गैस की हिस्सेदारी कुल घरेलू गैस उत्पादन में 70 प्रतिशत है।

APM गैस शहर के गैस वितरकों को CNG और घरों में पाइप के जरिये रसोई गैस की आपूर्ति के लिए प्रदान की जाती है। यह उनकी बिक्री मात्रा का 60% हिस्सा है।

पाइपलाइन शुल्क में बदलाव का प्रस्ताव

तेल और गैस रेग्युलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने वाली पाइपलाइन के लिए शुल्क निर्धारण की नई नीति प्रस्तावित की है। PNGRB ने मकानों में CNG और पाइप के जरिये पहुंचाई जाने वाली रसोई गैस बेचने वाली शहरी गैस इकाइयों से न्यूनतम दर पर शुल्क वसूलने का प्रस्ताव भी रखा है।

आने वाले समय में शहरी गैस वितरण (सीजीडी) क्षेत्र में गैस की खपत में बढ़ोतरी सबसे ज्यादा होने की उम्मीद है। इसके 2030 और 2040 तक चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 10% होने का आकलन है।

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