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Union Budget 2026: होम लोन पर टैक्स छूट की मांग, रियल एस्टेट सेक्टर की बजट से ये है उम्मीदें

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 21, 2026, 17:54 IST

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सारांश

Union Budget 2026: रियल एस्टेट से जुड़े लीडर्स चाहते हैं कि सरकार होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ाए, जिससे मिडिल क्लास और पहली बार घर खरीदने वालों को राहत मिले। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन से जुड़े टैक्स और GST को सरल और कम करने की मांग है।

Union Budget 2026

Union Budget 2026: बजट को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं।

Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को सुबह 11 बजे यूनियन बजट 2026 पेश करेंगी। यह उनका संसद में नौवां बजट होगा। बता दें कि बजट का दिन रविवार होने के बावजूद BSE और NSE दोनों स्टॉक एक्सचेंज ट्रेडिंग के लिए खुले रहेंगे। बजट को लेकर रियल एस्टेट सेक्टर को काफी उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री की नजर ऐसी नीतियों पर है जो घर खरीदना आसान बनाएं, सेक्टर में स्थिरता लाएं और लंबे समय तक ग्रोथ को सपोर्ट करें। चूंकि रियल एस्टेट का सीधा असर रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास से जुड़ा है, इसलिए यह बजट सेक्टर के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
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क्या है रियल एस्टेट सेक्टर की मांग?

रियल एस्टेट से जुड़े लीडर्स चाहते हैं कि सरकार होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ाए, जिससे मिडिल क्लास और पहली बार घर खरीदने वालों को राहत मिले। इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन से जुड़े टैक्स और GST को सरल और कम करने की मांग है, ताकि प्रोजेक्ट की लागत घटे और अटके हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिल सके। उनका मानना है कि इससे खरीदारों और डेवलपर्स दोनों का भरोसा बढ़ेगा।

Sarvam Properties के फाउंडर Manan Joshi का कहना है कि आज भी घर खरीदने में सबसे बड़ी चुनौती अफॉर्डेबिलिटी है। अगर होम लोन के ब्याज पर ज्यादा टैक्स छूट और अफॉर्डेबल हाउसिंग को ज्यादा लाभ दिया जाए, तो मांग में तेजी आ सकती है। इससे न सिर्फ होमबायर्स को फायदा होगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

स्थिर और दूरदर्शी पॉलिसी फ्रेमवर्क जरूरत

ArisUnitern RE Solutions के डायरेक्टर Navin Dhanuka के मुताबिक, सेक्टर को सबसे ज्यादा जरूरत एक स्थिर और दूरदर्शी पॉलिसी फ्रेमवर्क की है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, तेज़ अप्रूवल प्रोसेस और आसान फाइनेंसिंग से सप्लाई साइड को मजबूती मिलेगी। अगर इसके साथ इनकम टैक्स में ऐसे बदलाव किए जाएं जिससे लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़े, तो हाउसिंग डिमांड को बड़ा सपोर्ट मिल सकता है।

Property First के फाउंडर और CEO Bhavesh Kothari मानते हैं कि अफॉर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग पर सरकार का फोकस जारी रहना चाहिए। होम लोन पर टैक्स बेनिफिट, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन में राहत और डेवलपर्स के लिए आसान क्रेडिट से नए ग्रोथ एरिया में मांग खुलेगी। साथ ही, लैंड रिकॉर्ड्स की डिजिटाइजेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ाने से पारदर्शिता और प्रोजेक्ट की रफ्तार दोनों सुधरेंगी।

Arkade Developers के CMD Amit Jain का कहना है कि अगर सरकार टैक्स में सार्थक राहत और अफॉर्डेबल व मिड-इनकम हाउसिंग के लिए टार्गेटेड उपाय लाती है, तो डिमांड और सप्लाई के बीच का गैप काफी हद तक कम हो सकता है। इससे लिक्विडिटी सुधरेगी, अप्रूवल तेज होंगे और निवेशकों का भरोसा वापस आएगा, जिसका असर समय पर घरों की डिलीवरी और समग्र आर्थिक विकास पर दिखेगा।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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