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  1. क्या है SIF मार्केट? जहां चल रहा Hybrid Mutual Funds का सिक्का, AMFI के आंकड़े बता रहे पूरी स्टोरी

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क्या है SIF मार्केट? जहां चल रहा Hybrid Mutual Funds का सिक्का, AMFI के आंकड़े बता रहे पूरी स्टोरी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड February 11, 2026, 12:47 IST

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सारांश

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में SIF एक नई कैटेगरी के तौर पर उभर रहा है। जनवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट फंड्स के पास 5,485 करोड़ रुपये का एसेट है, जबकि इक्विटी ओरिएंटेड फंड्स काफी पीछे हैं। अक्टूबर 2024 से लेकर अब तक आए नए निवेश का बड़ा हिस्सा हाइब्रिड स्ट्रैटेजी में ही गया है, जो बदलते मार्केट ट्रेंड को दिखाता है।

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SIF मार्केट में हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट फंड्स का मार्केट शेयर सबसे ज्यादा है।

स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड यानी SIF की दुनिया भारत में अभी छोटी है, लेकिन यहां एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मार्केट में हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी अब सबसे पसंदीदा सेगमेंट बनकर उभरी है। ताजा इंडस्ट्री डेटा बताता है कि SIF यूनिवर्स में मौजूद कुल एसेट्स और नए आने वाले पैसों का बड़ा हिस्सा इसी स्ट्रैटेजी की तरफ जा रहा है। वैल्यूमेट्रिक्स और AMFI के म्यूचुअल फंड और SIF फ्लो मीटर की फरवरी 2026 की अपडेट के मुताबिक, हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट फंड्स का मार्केट पर एकतरफा कब्जा हो गया है। यह डेटा साफ करता है कि निवेशक अब रिस्क को समझते हुए ही पैसा लगा रहे हैं।

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हाइब्रिड फंड्स का एकतरफा राज

AMFI के आंकड़ों पर नजर डालें तो 31 जनवरी 2026 तक कुल SIF एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी AUM 6,564 करोड़ रुपये था। इसमें से हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट फंड्स के पास 5,485 करोड़ रुपये थे। इसका मतलब यह हुआ कि स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट कैटेगरी में इनका मार्केट शेयर 84 परसेंट है। इसके मुकाबले अगर इक्विटी ओरिएंटेड लॉग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी की बात करें तो उनकी हालत काफी पतली है। इक्विटी वाले फंड्स के पास सिर्फ 1,079 करोड़ रुपये का एसेट है, जो कुल SIF AUM का महज 16 परसेंट है। यह रिपोर्ट एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI के डेटा और वैल्यूमेट्रिक्स टेक्नोलॉजीज की इंटरनल एनालिसिस पर आधारित है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाइब्रिड फंड्स का यह दबदबा पुराना नहीं है, बल्कि हाल ही में आए पैसों के फ्लो ने इसे और मजबूत किया है।

निवेश का बहाव हाइब्रिड की ओर

पिछले कुछ महीनों में निवेशकों ने अपना पैसा कहां लगाया है, यह देखना भी दिलचस्प है। रिपोर्ट बताती है कि अक्टूबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच SIFs में कुल 6,569 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया। इसमें से हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट फंड्स ने 5,456 करोड़ रुपये जुटाए, जो कुल इनफ्लो का करीब 83 परसेंट है। वहीं, इक्विटी ओरिएंटेड स्ट्रैटेजी को सिर्फ 1,112 करोड़ रुपये मिले। जनवरी 2026 के महीने में भी यही ट्रेंड जारी रहा। हाइब्रिड SIFs में 1,637 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो आया, जबकि उसी दौरान एक इक्विटी लॉग-शॉर्ट कैटेगरी में आउटफ्लो यानी पैसा बाहर निकलने का ट्रेंड देखा गया।

आखिर क्यों बदला है ट्रेंड?

मार्केट के जानकारों का कहना है कि हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट स्ट्रैटेजी की बढ़ती डिमांड के पीछे निवेशकों की सोच में आया बदलाव है। अब लोग सिर्फ मार्केट के ऊपर जाने पर दांव नहीं लगाना चाहते, बल्कि उन्हें इन-बिल्ट रिस्क मैनेजमेंट चाहिए। हाइब्रिड लॉग-शॉर्ट फंड्स आमतौर पर इक्विटी एक्सपोजर के साथ हेजिंग टूल्स जैसे फ्यूचर्स और ऑप्शंस का इस्तेमाल करते हैं। इससे फंड मैनेजर मार्केट की बढ़त का फायदा तो उठाते ही हैं, साथ ही जब मार्केट में उतार-चढ़ाव होता है तो नुकसान को कम करने की कोशिश भी करते हैं। इसके उलट, इक्विटी लॉग-शॉर्ट फंड्स सीधे स्टॉक सेलेक्शन पर निर्भर करते हैं, जो मार्केट के गिरते ही ज्यादा रिस्की हो जाते हैं।

पूरी इंडस्ट्री में अभी छोटा है हिस्सा

भले ही SIF स्पेस में हाइब्रिड फंड्स का बोलबाला हो, लेकिन भारत के ओवरऑल म्यूचुअल फंड लैंडस्केप में स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड्स का हिस्सा अभी भी बहुत छोटा है। वैल्यूमेट्रिक्स और AMFI के डेटा के मुताबिक, जनवरी 2026 तक पूरी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM करीब 82 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि आम लोगों और संस्थागत निवेशकों का जो पैसा म्यूचुअल फंड में लगा है, उसका एक बहुत छोटा हिस्सा ही SIF में है। फिर भी, यह डेटा बताता है कि निवेशक अब उन स्ट्रैटेजी की तरफ झुक रहे हैं जो एसेट्स को ब्लेंड करती हैं और हेजिंग का इस्तेमाल करती हैं। यह ट्रेंड बैलेंस एडवांटेज और मल्टी-एसेट फंड्स जैसी मेनस्ट्रीम हाइब्रिड कैटेगरी में भी दिख रहा है। रिपोर्ट मानती है कि अगर मार्केट के हालात बहुत ज्यादा नहीं बदलते हैं, तो आने वाले समय में भी हाइब्रिड स्ट्रैटेजी ही भारत के स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड यूनिवर्स की सबसे बड़ी प्लेयर बनी रहेगी।

**(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।) **

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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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