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  1. Income Tax: क्या है नई Kar Saathi वेबसाइट, AI-पावर्ड चैटबॉट समेत कई सुविधाएं

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Income Tax: क्या है नई Kar Saathi वेबसाइट, AI-पावर्ड चैटबॉट समेत कई सुविधाएं

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड April 04, 2026, 14:20 IST

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सारांश

Kar Saathi: यह नई वेबसाइट इस तरह डिजाइन की गई है कि टैक्स से जुड़ी सारी जानकारी एक ही जगह पर मिल जाए। विभाग ने बताया कि इसे नेविगेट करना आसान है और इसकी स्पीड भी बेहतर है। अब टैक्सपेयर्स को अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं होगी।

Kar Saathi

इसमें सबसे खास फीचर है ‘Kar Saathi’, जो एक AI-पावर्ड चैटबॉट है।

Income Tax Department ने एक नई वेबसाइट लॉन्च की है जिसका नाम Kar Saathi रखा गया है। इसका मकसद टैक्स से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को आसान, तेज और यूजर-फ्रेंडली बनाना है, ताकि आम लोग बिना ज्यादा परेशानी के अपनी टैक्स से जुड़ी जानकारी और काम संभाल सकें। बता दें कि सरकार अब टैक्स सिस्टम को कम जटिल और ज्यादा डिजिटल बनाना चाहती है, ताकि आम आदमी आसानी से टैक्स से जुड़े काम कर सके।

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नई वेबसाइट में क्या है खास

यह नई वेबसाइट इस तरह डिजाइन की गई है कि टैक्स से जुड़ी सारी जानकारी एक ही जगह पर मिल जाए। विभाग ने बताया कि इसे नेविगेट करना आसान है और इसकी स्पीड भी बेहतर है। अब टैक्सपेयर्स को अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं होगी, सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा।

AI-पावर्ड चैटबॉट

इसमें सबसे खास फीचर है ‘Kar Saathi’, जो एक AI-पावर्ड चैटबॉट है। यह यूजर्स को टैक्स से जुड़े सवालों के जवाब देने और पूरे प्रोसेस में गाइड करने के लिए बनाया गया है। यह 24×7 उपलब्ध रहेगा, यानी कभी भी आप इससे मदद ले सकते हैं। यह कदम सरकार की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसमें टेक्नोलॉजी के जरिए टैक्स सिस्टम को मॉडर्न और आसान बनाया जा रहा है।

PRARAMBH 2026

PRARAMBH 2026 टैक्स सिस्टम में बदलावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सरकारी पहल है, जो 1 अप्रैल से लागू हुई। इसका उद्देश्य नए Income Tax Act 2025 में ट्रांजिशन को आसान बनाना है। इसके तहत डिजिटल सेवाओं को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा, ताकि पूरा सिस्टम स्मूथ और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बन सके।

CBDT के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने कहा कि नया टैक्स सिस्टम सिर्फ कानून बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे ज्यादा सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद बनाना भी इसका मकसद है, ताकि टैक्सपेयर्स को कम परेशानी हो।

इस सुधार के तहत कई बड़े बदलाव भी किए गए हैं। टैक्स से जुड़े नियमों की संख्या 510 से घटाकर 333 कर दी गई है। वहीं फॉर्म्स की संख्या 399 से घटाकर 190 कर दी गई है। इससे टैक्स भरने की प्रक्रिया आसान होगी और करीब 6 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन्स की जरूरत खत्म हो सकती है।

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