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  1. Voluntary PF: रिटायरमेंट फंड बढ़ाने का बेहतरीन तरीका, सुरक्षित रिटर्न और जीरो मार्केट रिस्क

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Voluntary PF: रिटायरमेंट फंड बढ़ाने का बेहतरीन तरीका, सुरक्षित रिटर्न और जीरो मार्केट रिस्क

Upstox

4 min read | अपडेटेड November 26, 2025, 16:56 IST

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सारांश

साल 2025 में VPF इसलिए और भी आकर्षक है क्योंकि कई फिक्स्ड-इनकम विकल्पों की ब्याज दरें लगातार बदल रही हैं। इससे प्लानिंग करना मुश्किल हो जाता है। वहीं VPF की ब्याज दर स्थिर और प्रतिस्पर्धी है, और उस पर सरकार की गारंटी भी है।

Voluntary PF

Voluntary PF: VPF उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिन्हें मार्केट रिस्क से डर लगता है।

Voluntary PF: वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड का ही एक हिस्सा है। इसके तहत कर्मचारी अपने EPF के अनिवार्य 12% योगदान से ज्यादा पैसा भी जमा कर सकते हैं। यह अतिरिक्त पैसा पूरी तरह कर्मचारी की तरफ से होता है, कंपनी इसकी बराबरी में कोई योगदान नहीं करती। फिर भी इस अतिरिक्त रकम पर EPF जितना ही ब्याज मिलता है और सरकार का वही सुरक्षा कवच मिलता है। इसलिए यह उन लोगों को बहुत पसंद आता है जो बिना मार्केट रिस्क के अपनी लम्बी अवधि की बचत बढ़ाना चाहते हैं।
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VPF अभी क्यों है अहम?

साल 2025 में VPF इसलिए और भी आकर्षक है क्योंकि कई फिक्स्ड-इनकम विकल्पों की ब्याज दरें लगातार बदल रही हैं। इससे प्लानिंग करना मुश्किल हो जाता है। वहीं VPF की ब्याज दर स्थिर और प्रतिस्पर्धी है, और उस पर सरकार की गारंटी भी है। जब तक VPF का ब्याज बैंक FD या दूसरे सुरक्षित विकल्पों से अच्छा मिलता रहेगा, यह रिटायरमेंट फंड को बढ़ाने का मजबूत साधन बना रहेगा। ब्याज हर साल खाते में जुड़ता है और कई वर्षों तक लगातार योगदान करने से चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत से बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार हो सकता है।

VPF में कैसे कर सकते हैं निवेश?

VPF में पैसा जमा करना बहुत आसान है। कर्मचारी अपने HR या Payroll टीम को यह बताकर योगदान बढ़ा सकते हैं कि वह अपने EPF से ज्यादा कितना जमा करना चाहते हैं। यह या तो एक तय रकम हो सकती है, या फिर सैलरी का कोई प्रतिशत। जैसे ही कंपनी आपके अनुरोध को प्रोसेस करेगी, अगले महीने की सैलरी से यह अतिरिक्त कटौती शुरू हो जाएगी। क्योंकि VPF कोई अलग निवेश उत्पाद नहीं है, इसलिए इसके लिए कोई अलग खाता खोलने की जरूरत भी नहीं होती।

VPF में मिलते हैं टैक्स बेनिफिट

टैक्स के हिसाब से भी VPF काफी लाभदायक है। पुराने टैक्स सिस्टम में तय सीमा तक VPF में जमा रकम पर टैक्स फायदा मिलता है। जब तक आपकी कुल PF योगदान राशि सालाना तय सीमा के अंदर रहती है और आपका PF खाता पांच साल से पुराना है, तब तक मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री रहता है। अगर किसी कारण PF को पांच साल पूरे होने से पहले निकाल लिया जाए, तो टैक्स लग सकता है। आंशिक निकासी EPF के नियमों के हिसाब से ही होती है, यानी मेडिकल जरूरत, घर खरीदने या बच्चों की पढ़ाई जैसी स्थितियों में पैसा निकाला जा सकता है।

मार्केट रिस्क नहीं उठाने वालों के लिए यह बेहतर

VPF उन लोगों के लिए सबसे अच्छा है जिन्हें मार्केट रिस्क से डर लगता है और जो सुरक्षित, निश्चित रिटर्न चाहते हैं। यह उन कर्मचारियों के लिए भी फायदेमंद है जो रिटायरमेंट के करीब हैं और अपने पोर्टफोलियो में स्थिरता चाहते हैं। ज्यादा टैक्स स्लैब में आने वाले सैलरीड लोग भी VPF से काफी टैक्स बचत कर सकते हैं। युवा कमाने वालों के लिए तो यह और भी बेहतर विकल्प है, क्योंकि जितना जल्दी निवेश शुरू होगा, उतना ही बड़ा रिटायरमेंट कॉर्पस तैयार होगा।

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

इसके बावजूद कुछ बातें ध्यान रखने लायक हैं। VPF में डाला गया पैसा लंबे समय के लिए लॉक रहता है, इसलिए इसकी लिक्विडिटी कम होती है। योगदान बदलने की प्रक्रिया भी केवल नियोक्ता के जरिए होती है। अगर आपके संगठन में PF जमा करने में देरी होती है, तो आपको सुनिश्चित करना चाहिए कि आपका PF समय पर अपडेट हो, क्योंकि देर से जमा होने पर ब्याज की गणना प्रभावित होती है।

कुल मिलाकर VPF सुरक्षा, स्थिर रिटर्न और टैक्स बचत का बेहतरीन विकल्प है। यदि आप एक सैलरीड व्यक्ति हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग मजबूत करना चाहते हैं, तो VPF में योगदान बढ़ाना एक सरल और लाभकारी कदम साबित हो सकता है।

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