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Budget 2026: देश के 1 करोड़ से ज्यादा गिग वर्कर्स को बजट से क्या हैं उम्मीदें? यहां जानिए

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 22, 2026, 17:58 IST

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सारांश

Budget 2026: नीति आयोग की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 2024–25 में देश में 1 करोड़ से ज्यादा गिग वर्कर्स हैं और 2029–30 तक यह संख्या बढ़कर करीब 2.35 करोड़ हो सकती है। यह भारत के सबसे तेजी से बढ़ते रोजगार वाले सेक्टर्स में से एक है।

Budget 2026

Budget 2026 से कई सेक्टरों को उम्मीदें हैं, जिनमें एक बड़ा सेक्टर है गिग इकॉनमी यानी गिग वर्कर्स।

Budget 2026: भारत का यूनियन बजट 2026 अब कुछ ही हफ्तों दूर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करेंगी, जो उनका लगातार नौवां बजट होगा। यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब अमेरिकी टैरिफ, वैश्विक तनाव और बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में बजट से अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाले ऐलानों की उम्मीद की जा रही है। बजट 2026 से कई सेक्टरों को उम्मीदें हैं, जिनमें एक बड़ा सेक्टर है गिग इकॉनमी यानी गिग वर्कर्स।
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देश में 1 करोड़ से ज्यादा गिग वर्कर्स

नीति आयोग की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 2024–25 में देश में 1 करोड़ से ज्यादा गिग वर्कर्स हैं और 2029–30 तक यह संख्या बढ़कर करीब 2.35 करोड़ हो सकती है। यह भारत के सबसे तेजी से बढ़ते रोजगार वाले सेक्टर्स में से एक है।

गिग वर्कर्स को सबसे ज्यादा उम्मीद कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी 2020 के सही तरीके से लागू होने की है। इस कानून में पहली बार गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को कानूनी पहचान दी गई है और उनके कल्याण के लिए नियम बनाए गए हैं।

Code on Social Security, 2020 क्या है?

इस कानून के तहत एग्रीगेटर कंपनियों को अपने टर्नओवर का 1–2% एक नेशनल सोशल सिक्योरिटी फंड में जमा करना होगा। इसके अलावा, ई-श्रम पोर्टल पर आधार से जुड़ी आईडी, जीवन और स्वास्थ्य बीमा, और मातृत्व लाभ जैसी सुविधाओं का प्रावधान है।

अभी नियम यह है कि किसी गिग वर्कर को एक साल में एक प्लेटफॉर्म पर कम से कम 90 दिन या कई प्लेटफॉर्म्स पर 120 दिन काम करना जरूरी है, तभी उसे सोशल सिक्योरिटी का फायदा मिलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में सरकार इस शर्त को हटा सकती है, क्योंकि यह सीमा काफी ज्यादा है।

Eternal के CEO दीपिंदर गोयल के मुताबिक, 2025 में उनके प्लेटफॉर्म पर एक औसत डिलीवरी पार्टनर ने सिर्फ 38 दिन काम किया, वो भी रोज करीब 7 घंटे। सिर्फ 2.3% डिलीवरी पार्टनर ही ऐसे थे, जिन्होंने साल में 250 दिन से ज्यादा काम किया। ऐसे में 90/120 दिन की शर्त रहने पर ज्यादातर गिग वर्कर्स सोशल सिक्योरिटी के दायरे से बाहर रह जाते हैं।

क्विक कॉमर्स और सेफ्टी पर नजर

बजट 2026 में 10 मिनट डिलीवरी सिस्टम को लेकर भी कुछ ऐलान हो सकते हैं। सरकार गिग वर्कर्स की सुरक्षा, काम करने की स्थिति बेहतर करने, डिलीवरी टारगेट आसान करने और Blinkit, Zepto, Instamart जैसी क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी कर सकती है।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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