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  1. SSY, PPF, KVP और NSC जैसी योजनाओं की नई ब्याज दरों का ऐलान कल, बढ़ती महंगाई के बीच टिकी निवेशकों की नजर

पर्सनल फाइनेंस

SSY, PPF, KVP और NSC जैसी योजनाओं की नई ब्याज दरों का ऐलान कल, बढ़ती महंगाई के बीच टिकी निवेशकों की नजर

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड March 30, 2026, 15:51 IST

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सारांश

Small Savings Scheme: छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय करने का मुख्य आधार सरकारी बॉन्ड यानी G-Sec की यील्ड होती है। यह सिस्टम 2016 में लागू किया गया था, जब RBI और सरकार ने मिलकर ब्याज दरों को बाजार से जोड़ दिया और हर तिमाही में इन्हें अपडेट करने का नियम बनाया।

Small Savings Scheme

Small Saving Schemes: सरकार अप्रैल–जून 2026 तिमाही के लिए इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करने की तैयारी कर रही है।

Small Savings Scheme: क्या आप स्मॉल सेविंग स्कीम जैसे सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) या किसान विकास पत्र (KVP) में निवेश करते हैं। अगर हां तो कल 31 मार्च का दिन आपके लिए अहम होने वाला है। दरअसल सरकार अप्रैल–जून 2026 तिमाही के लिए इन योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में निवेशक के मन में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इस बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी होगी?
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अभी कितनी है ब्याज दर

योजनाब्याज दर (%)
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)8.2%
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF)7.1%
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)7.7%
किसान विकास पत्र (KVP)7.5%
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.2%
मंथली इनकम स्कीम (MIS)7.4%
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट4.0%
1-वर्ष फिक्स्ड डिपॉजिट6.9%
2-वर्ष फिक्स्ड डिपॉजिट7.0%
3-वर्ष फिक्स्ड डिपॉजिट7.1%
5-वर्ष फिक्स्ड डिपॉजिट7.5%
5-वर्ष रेकरिंग डिपॉजिट (RD)6.7%

क्या इस बार होगी ब्याज दरों में बढ़ोतरी

छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें तय करने का मुख्य आधार सरकारी बॉन्ड यानी G-Sec की यील्ड होती है। यह सिस्टम 2016 में लागू किया गया था, जब RBI और सरकार ने मिलकर ब्याज दरों को बाजार से जोड़ दिया और हर तिमाही में इन्हें अपडेट करने का नियम बनाया।

इसमें तीन बड़े फैक्टर काम करते हैं। पहला, G-Sec यील्ड, दूसरा महंगाई और तीसरा RBI की मौद्रिक नीति। अगर बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो आमतौर पर छोटी बचत योजनाओं की दरें भी बढ़ सकती हैं।

महंगाई भी अहम

महंगाई भी एक अहम भूमिका निभाती है। अगर महंगाई ज्यादा होती है, तो निवेशकों को अच्छा रिटर्न देने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं। लेकिन अगर महंगाई कम रहती है, तो दरों में बदलाव जरूरी नहीं होता।

फरवरी 2026 में भारत की महंगाई दर 3.21% रही, जो जनवरी के 2.74% से ज्यादा है, लेकिन अभी भी RBI के 4% लक्ष्य के अंदर है। ऐसे में मौजूदा 7%–8.2% की ब्याज दरें निवेशकों के लिए अभी भी आकर्षक मानी जा रही हैं। इसलिए फिलहाल दरों में बदलाव की संभावना कम दिखती है। अब सभी की नजर 31 मार्च 2026 के फैसले पर टिक गई है।

बता दें कि इन योजनाओं की ब्याज दर हर तिमाही में तय की जाती है। इसके पहले सरकार ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। दिसंबर 2024 के बाद से सरकार ने ज्यादातर योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, सिर्फ कुछ स्कीम्स में हल्की बढ़ोतरी हुई थी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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