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Senior Citizen Saving Scheme: बुढ़ापे का सहारा है यह स्कीम, ब्याज दर पर आया नया फैसला

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 01, 2026, 08:31 IST

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सारांश

Senior Citizen Saving Scheme: SCSS में 60 साल और इससे अधिक उम्र के लोग निवेश शुरू कर सकते हैं। यह रिटायरमेंट के बाद की एक फिक्स्ड-इनकम इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट है। यह योजना अभी 8.2% ब्याज दे रही है, जो कि ज्यादातर बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों से अधिक है। इस बार भी सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है।

SCSS

SCSS की ब्याज दरों में 1 अप्रैल, 2023 से अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Senior Citizen Saving Scheme: आज वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स के ब्याज दरों की समीक्षा कर ली है। इसके बाद ब्याज दरों में कोई बदलाव ना करने का फैसला लिया गया है। इन स्मॉल सेविंग स्कीम्स में सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) भी शामिल है। इसके पहले पिछली तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर में SCSS की ब्याज दर 8.2 फीसदी पर बरकरार रखी गई थी।
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बता दें कि SCSS एक सरकारी रिटायरमेंट बेनिफिट स्कीम है जो भारत में सीनियर सिटीजन के हितों और भविष्य की सुरक्षा के लिए बनाई गई है। सरकार आज SCSS के लिए नई ब्याज दर की घोषणा कर सकती है, जिसके बाद इस स्टोरी को अपडेट कर दिया जाएगा। यहां हमने इस योजना से जुड़ी तमाम जानकारी दी है।

SCSS के लिए एलिजिबिलिटी

SCSS में 60 साल और इससे अधिक उम्र के लोग निवेश शुरू कर सकते हैं। यह रिटायरमेंट के बाद की एक फिक्स्ड-इनकम इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट है। यह योजना अभी 8.2% ब्याज दे रही है, जो कि ज्यादातर बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरों से अधिक है।

SCSS की ब्याज दरों में 1 अप्रैल, 2023 से अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस योजना में हर साल 1000 रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। इसमें निवेशकों का पैसा 5 साल तक लॉक रहता है, इसके बाद इसे आगे और भी बढ़ाया जा सकता है। इसमें 80C के तहत ₹1.50 लाख तक टैक्स छूट मिलती है। ब्याज टैक्सेबल है, लेकिन मैच्योरिटी पर आपका मूलधन पूरी तरह टैक्स फ्री होता है।

हर 3 महीने में मिलता है ब्याज

SCSS में ब्याज हर तीन महीने (तिमाही) मिलता है। पहली बार ब्याज जमा की तारीख से लेकर मार्च, जून, सितंबर या दिसंबर के अंत तक मिलता है। इसके बाद हर साल 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी को ब्याज का भुगतान किया जाता है। यही वजह है कि रिटायर्ड लोगों के लिए यह नियमित इनकम का अच्छा साधन है।

मान लो आप SCSS स्कीम में 30 लाख रुपये जमा करते हैं तो 8.2 परसेंट की ब्याज दर के हिसाब से आपको हर 3 महीने बाद 61,500 रुपये का ब्याज मिलेगा। इस तरह 5 साल में आप टोटल ₹12,30,000 रुपये का ब्याज कमा सकते हैं। आपकी टोटल मैच्योरिटी अमाउंट 42,30,000 रुपये होगी।

SCSS की ब्याज दर कैसे तय होती है?

SCSS समेत सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर सरकार सीधे तय नहीं करती। इसके लिए 2010 में बनी श्यामला गोपीनाथ कमेटी की सिफारिशों को आधार माना जाता है। इस कमेटी के अनुसार SCSS की ब्याज दर 5 साल की सरकारी बॉन्ड की यील्ड से जुड़ी होती है, जिसमें करीब 0.25% अतिरिक्त जोड़ा जाता है। हालांकि अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय का होता है और कई बार वह इन सिफारिशों से अलग भी फैसला ले सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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