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  1. कर्ज वसूली को लेकर बैंकों पर लगाम लगाने की तैयारी में RBI, एजेंटों की ट्रेनिंग को लेकर मसौदा जारी

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कर्ज वसूली को लेकर बैंकों पर लगाम लगाने की तैयारी में RBI, एजेंटों की ट्रेनिंग को लेकर मसौदा जारी

Upstox

2 min read | अपडेटेड February 13, 2026, 12:28 IST

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सारांश

आरबीआई ने यह भी कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करें कि कर्ज वसूली के लिए नियुक्त एजेंसी अपने प्रतिनिधियों/ कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफाई नियुक्ति से पहले और बाद में भी तय अंतराल पर करती रहे।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

कर्ज वसूली एजेंटों के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य करने, फोन कॉल की रिकॉर्डिंग को नियमों का मसौदा जारी

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) ने कर्ज वसूली के लिए बैंक एजेंटों की नियुक्ति और उनके कामकाज के नियमन के लिए गुरुवार को नियमों का मसौदा जारी किया। इसमें एजेंट के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य करने और कर्जदारों को किए जाने वाले सभी फोन कॉल की रिकॉर्डिंग का प्रावधान है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि वसूली एजेंट द्वारा उधारकर्ता को किए गए सभी फोन कॉल को रिकॉर्ड किया जाए। इसके साथ ही एजेंट को कर्जदार के साथ ‘सभ्य तरीके’ से बातचीत करनी होगी।

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नियमों के मसौदे मुताबिक, ‘बैंक का कर्मचारी या वसूली एजेंट कर्जदार के साथ शालीनता और मर्यादा बनाए रखते हुए व्यवहार करेगा और कर्ज वसूली के लिए उधारकर्ता के घर जाने पर भी अपना आचरण संयमित रखेगा।’ आरबीआई इस पर भी विचार कर रहा है कि वसूली एजेंटों के लिए भारतीय बैंकिंग और वित्त संस्थान (आईआईबीएफ) द्वारा संचालित ‘ऋण वसूली ट्रेनिंग’ को अनिवार्य किया जाए। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पिछले सप्ताह मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते समय कर्ज वसूली के दौरान एजेंटों के आचरण को नियमित करने के लिए कदम उठाने की बात कही थी।

पहले ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें वसूली एजेंट के खराब व्यवहार से कर्जदारों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद आरबीआई ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी थी। आरबीआई के मसौदे में खास तौर पर कहा गया है कि वसूली प्रक्रिया के दौरान अपमानजनक भाषा का प्रयोग या अनुचित संदेश भेजने से परहेज किया जाए। इसके अलावा, किसी परिवार में शोक, विवाह समारोह, त्योहार या अन्य आपदाजनक परिस्थितियों जैसे ‘अनुचित अवसरों’ पर कर्ज वसूली के प्रयास नहीं किए जाने चाहिए।

आरबीआई ने यह भी कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करें कि कर्ज वसूली के लिए नियुक्त एजेंसी अपने प्रतिनिधियों/ कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफाई नियुक्ति से पहले और बाद में भी तय अंतराल पर करती रहे। इसके अलावा ऋण बकाया से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की स्थिति में बैंक को अपने कर्मचारी या वसूली एजेंट को मामला सौंपने में 'अत्यधिक सावधानी' बरतनी होगी।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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