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  1. गलत तरीके से प्रोडक्ट्स या सर्विसेज बेचने को लेकर बैंकों पर लगाम लगाने की तैयारी में RBI, यहां समझें पूरा मामला

पर्सनल फाइनेंस

गलत तरीके से प्रोडक्ट्स या सर्विसेज बेचने को लेकर बैंकों पर लगाम लगाने की तैयारी में RBI, यहां समझें पूरा मामला

Namita Shukla

2 min read | अपडेटेड February 12, 2026, 12:32 IST

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सारांश

गलत बिक्री साबित होने की स्थिति में, बैंकों को प्रोडक्ट या सर्विस की खरीद के लिए ग्राहक द्वारा भुगतान की गई पूरी राशि वापस करनी होगी और मंजूर नीति के अनुसार गलत बिक्री के कारण हुए किसी भी नुकसान के लिए ग्राहक को क्षतिपूर्ति भी देनी होगी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

बैंकों की नकेल कसने की तैयारी में आरबीआई

क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपको बैंक ने गलत तरीके से अपना कोई प्रोडक्ट बेचा हो? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बहुत अहम है, दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) इसको लेकर अब बैंकों की नकेल कसने की तैयारी में है। बैंकों को किसी भी ऐसे प्रोत्साहन से बचना चाहिए जिससे किसी प्रोडक्ट या सर्विस की गलत तरीके से बिक्री हो सकती है। आरबीआई ने बुधवार को यह प्रस्ताव किया है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा वित्तीय प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के विज्ञापन, मार्केटिंग और बिक्री के लिए अपने मसौदा संशोधन निर्देशों में यह भी प्रस्ताव दिया कि बैंक ग्राहकों से उनकी सहमति हासिल करने के बाद ही संपर्क करें और ऐसा केवल ऑफिस टाइमिंग के दौरान ही किया जाए।

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आरबीआई ने कहा, ‘बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसकी नीतियां और कार्यप्रणाली न तो गलत बिक्री के लिए प्रोत्साहन ढांचा तैयार करें और न ही कर्मचारियों/डीएसए (प्रत्यक्ष बिक्री एजेंटों) को प्रोडक्ट्स/सर्विसेज की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करें।’ केंद्रीय बैंक के अनुसार, ‘यह विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाएगा कि थर्ड पार्टी प्रोडक्ट्स/सर्विसेज की मार्केटिंग/बिक्री में लगे कर्मचारियों को थर्ड पार्टी से डायरेक्ट या इडायरेक्ट रूप से कोई प्रोत्साहन हासिल न हो।’

मसौदे में यह भी प्रस्ताव है कि किसी बैंक को अपने किसी प्रोडक्ट या सर्विस के साथ किसी थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट या सर्विस की बिक्री को जोड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और ग्राहक को अलग-अलग कंपनियों के विकल्पों में से चुनने का ऑप्शन दिया जाना चाहिए। गलत बिक्री साबित होने की स्थिति में, बैंकों को प्रोडक्ट या सर्विस की खरीद के लिए ग्राहक द्वारा भुगतान की गई पूरी राशि वापस करनी होगी और मंजूर नीति के अनुसार गलत बिक्री के कारण हुए किसी भी नुकसान के लिए ग्राहक को क्षतिपूर्ति भी देनी होगी।

आरबीआई बैंकों से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कह रहा है कि उनके उपयोगकर्ता इंटरफेस में किसी भी प्रकार के डार्क पैटर्न का उपयोग न हो, और ऐसे लगभग एक दर्जन मामलों की लिस्ट दी है जिनसे बचना चाहिए। गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने गलत बिक्री पर लगाम लगाने के लिए नियम लाने की घोषणा की थी। उस घोषणा के बाद मसौदा जारी किया गया है। लोगों को मसौदे पर अपनी राय देने के लिए 4 मार्च तक का समय दिया गया है।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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