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4 min read | अपडेटेड February 11, 2026, 15:06 IST
सारांश
आरबीआई ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दो सीरीज के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन प्राइस 15,440 रुपये प्रति यूनिट तय किया है। 2019-20 की सीरीज IX पर निवेशकों को 279 परसेंट का जबरदस्त रिटर्न मिल रहा है। वहीं 2020-21 की सीरीज V पर भी 192 परसेंट का भारी मुनाफा हुआ है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेशकों को मिल रहा है बंपर रिटर्न।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाने वाले निवेशकों को खुश कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) की दो पुरानी सीरीज के लिए समय से पहले पैसा निकालने यानी प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का प्राइस तय कर दिया है। यह प्राइस 11 फरवरी को ड्यू होने वाले रिडेम्पशन के लिए है। आरबीआई ने इन बॉन्ड की कीमत 15,440 रुपये प्रति यूनिट तय की है। इसका सीधा मतलब है कि जिन लोगों ने कुछ साल पहले इन बॉन्ड्स में पैसा लगाया था, उन्हें अब उनके निवेश पर कई गुना ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। यह रिटर्न शेयर बाजार के कई बड़े शेयरों को भी मात दे रहा है।
आरबीआई के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा उन निवेशकों को हुआ है जिन्होंने 'SGB 2019-20 सीरीज IX' में पैसा लगाया था। इस सीरीज का इश्यू प्राइस यानी खरीद का भाव 4,070 रुपये प्रति ग्राम था। यह बॉन्ड 11 फरवरी 2020 को जारी किया गया था। अब 11 फरवरी 2026 को इसके प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का भाव 15,440 रुपये प्रति ग्राम तय हुआ है। अगर हिसाब लगाया जाए तो निवेशकों को प्रति ग्राम 11,370 रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है। प्रतिशत में देखें तो यह रिटर्न 279.3 परसेंट बैठता है। यानी छह साल में पैसा करीब तीन गुना हो गया है।
सिर्फ 2019-20 वाली सीरीज ही नहीं, बल्कि 'SGB 2020-21 सीरीज V' के निवेशकों की भी बल्ले-बल्ले है। यह सीरीज 11 अगस्त 2020 को जारी हुई थी और इसका इश्यू प्राइस 5,284 रुपये प्रति ग्राम था। इस सीरीज के लिए भी अर्ली रिडेम्पशन प्राइस 15,440 रुपये प्रति ग्राम रखा गया है। इसका मतलब है कि इस सीरीज के निवेशकों को प्रति ग्राम 10,156 रुपये का एब्सोल्यूट रिटर्न मिल रहा है। अगर मुनाफे को प्रतिशत में देखें तो इन निवेशकों ने 192.2 परसेंट का प्रॉफिट बुक किया है।
आरबीआई ने 10 फरवरी 2026 को जारी अपनी रिलीज में बताया कि रिडेम्पशन प्राइस कैसे निकाला गया है। नियम के मुताबिक, रिडेम्पशन की तारीख से पिछले तीन कारोबारी दिनों के गोल्ड के क्लोजिंग प्राइस का सिंपल एवरेज निकाला जाता है। यह प्राइस इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा पब्लिश किए गए 999 प्योरिटी वाले गोल्ड का होता है। 11 फरवरी 2026 के रिडेम्पशन के लिए आरबीआई ने 06 फरवरी, 09 फरवरी और 10 फरवरी 2026 के क्लोजिंग प्राइस का औसत लिया, जो 15,440 रुपये निकलकर आया।
आरबीआई कैलेंडर के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में कई और एसजीबी ट्रेंच के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का मौका आने वाला है। इनमें 2018-19 सीरीज VI का रिडेम्पशन 12 फरवरी 2026 को होगा। इसके अलावा 2019-20 सीरीज III का 13 फरवरी को, सीरीज IV का 17 मार्च को और सीरीज X का 11 मार्च 2026 को रिडेम्पशन हो सकता है। वहीं 2020-21 सीरीज VI का रिडेम्पशन 7 मार्च और सीरीज XII का 9 मार्च 2026 को तय है। इन सभी के लिए रिक्वेस्ट विंडो अलग-अलग तारीखों पर खुलेगी।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का कुल टेन्योर यानी अवधि आठ साल की होती है। लेकिन निवेशकों को पांच साल पूरे होने के बाद प्री-मैच्योर रिडेम्पशन यानी समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा मिलती है। अर्ली एग्जिट के लिए केंद्रीय बैंक हर छह महीने में उन ट्रेंच की लिस्ट जारी करता है जो रिडेम्पशन के लिए एलिजिबल हैं। 2025 से गोल्ड की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे एसजीबी निवेशकों को भारी रिटर्न मिल रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार ने बजट 2025 में एसजीबी स्कीम को फिलहाल रोक दिया है और जब तक यह दूसरे उधारी के साधनों की तरह किफायती नहीं हो जाती, तब तक नई सीरीज आने की उम्मीद नहीं है।
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