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PMMVY: इस योजना में पहली बार मां बनने पर मिलते हैं ₹5000, कौन हैं पात्र और कैसे मिलेगा पैसा?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड January 02, 2026, 19:13 IST

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सारांश

PMMVY का उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि मां और बच्चे का स्वास्थ्य व पोषण बेहतर हो सके और गर्भावस्था के दौरान आर्थिक समस्या से निपटा जा सके। इस योजना के तहत पहली संतान के समय महिला को नकद सहायता दी जाती है।

PMMVY

PMMVY का उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है।

PMMVY: सरकार कई ऐसी योजनाएं चला रही है जहां आम लोगों का जीवन आसान बनाने के लिए नकद आर्थिक मदद दी जाती है। इन्हीं में से एक योजना है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जिसे PMMVY भी कहते हैं। इस योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है। भारत में महिलाओं के लिए कुपोषण एक आम मुद्दा है। पोषण संबंधी इस कमी के कारण अक्सर कुपोषित मां कम वजन वाले बच्चे को जन्म देती है। इससे निपटने के लिए PMMVY की शुरुआत 1 जनवरी 2017 को की गई थी।
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क्या है इस योजना का उद्देश्य?

PMMVY का उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, ताकि मां और बच्चे का स्वास्थ्य व पोषण बेहतर हो सके और गर्भावस्था के दौरान आर्थिक समस्या से निपटा जा सके। इस योजना के तहत पहली संतान के समय महिला को नकद सहायता दी जाती है। साथ ही, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके अलावा, अगर दूसरी संतान लड़की होती है तो अतिरिक्त प्रोत्साहन देकर बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया जाता है।

इस योजना के लिए क्या है पात्रता

यह योजना विशेष रूप से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए है। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, बीपीएल राशन कार्ड धारक, आयुष्मान भारत (PMJAY) की लाभार्थी, ई-श्रम कार्ड धारक, पीएम किसान योजना से जुड़ी महिला किसान, मनरेगा जॉब कार्ड धारक, सालाना 8 लाख रुपये से कम आय वाले परिवार की महिलाएं, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता शामिल हैं।

गर्भवती महिला की उम्र 18 साल 7 महीने से 55 साल तक होनी चाहिए। केंद्र या राज्य सरकार, पीएसयू में नियमित नौकरी करने वाली महिलाएं या पहले से समान लाभ पाने वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

कितना और किसे लाभ मिलेगा

योजना का लाभ पहली दो जीवित संतान तक दिया जाता है। पहली संतान के लिए कुल ₹5000 दो किस्तों में मिलते हैं। दूसरी संतान के लिए ₹6000 की राशि एक किस्त में दी जाती है, लेकिन यह तभी मिलेगी जब दूसरी संतान लड़की हो। दूसरी संतान के लाभ के लिए गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण जरूरी है।

पहली किस्त ₹3000 गर्भावस्था के पंजीकरण और 6 महीने के भीतर कम से कम एक ANC (Ante-natal check-up) जांच के बाद मिलती है। दूसरी किस्त ₹2000 बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस-बी के पहले टीके लगने के बाद दी जाती है। अगर गर्भपात या मृत जन्म होता है, तो अगली गर्भावस्था में महिला को नया लाभार्थी माना जाता है। इस योजना का लाभ सिर्फ आधार नंबर के आधार पर दिया जाता है, ताकि फर्जीवाड़ा और दोहराव रोका जा सके।

योजना में अप्लाई कैसे करें

जो महिलाएं इस योजना का लाभ लेना चाहती हैं, उन्हें अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए फॉर्म 1-A भरकर जरूरी दस्तावेज, आधार विवरण, मोबाइल नंबर और बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते की जानकारी देनी होती है। फॉर्म आंगनवाड़ी केंद्र से या महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट से भी लिया जा सकता है।

योजना को 9 साल पूरे

PMMVY को 1 जनवरी 2026 को 9 साल पूरे हो गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस योजना का लाभ अब तक 1.08 करोड़ से अधिक महिलाओं को मिल चुका है। इसके तहत मिहलाओं को 4339 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की गई है।

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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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