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  1. National Pension System: Tier 1 और Tier 2 में क्या है बेहतर? टैक्स बेनिफिट से निकासी नियम तक सब कुछ

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National Pension System: Tier 1 और Tier 2 में क्या है बेहतर? टैक्स बेनिफिट से निकासी नियम तक सब कुछ

Upstox

4 min read | अपडेटेड November 27, 2025, 18:18 IST

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सारांश

NPS में दो तरह के अकाउंट होते हैं- Tier 1 और Tier 2। दोनों में फंड मैनेजर एक ही होते हैं, लेकिन नियम और टैक्स सुविधाएं अलग हैं। आज हम यहां समझेंगे कि इन दोनों में क्या अंतर है और आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा विकल्प बेहतर है।

NPS Tier 1 vs Tier 2

NPS Tier 1 vs Tier 2: इसमें आप लगातार थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश कर रिटायरमेंट तक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

NPS Tier 1 vs Tier 2: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) रिटायरमेंट के लिहाज से एक पॉपुलर स्कीम है। इसे PFRDA द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इसमें आप लगातार थोड़ा-थोड़ा पैसा निवेश कर रिटायरमेंट तक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। इसके तहत आपकी जमा की गई रकम शेयर बाजार, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में लगाई जाती है। इसके निवेशकों को रिटायरमेंट के बाद हर महीने नियमित तौर पर पेंशन मिलती है। इतना ही नहीं, रिटायरमेंट के बाद आप फंड का एक हिस्सा निकाल सकते हैं।
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NPS में दो तरह के अकाउंट होते हैं- Tier 1 और Tier 2। दोनों में फंड मैनेजर एक ही होते हैं, लेकिन नियम और टैक्स सुविधाएं अलग हैं। आज हम यहां समझेंगे कि इन दोनों में क्या अंतर है और आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा विकल्प बेहतर है।

Tier 1 NPS क्या है?

NPS में Tier 1 का मुख्य और अनिवार्य रिटायरमेंट अकाउंट है। इसमें आपको अच्छे टैक्स फायदे मिलते हैं। आप इसमें धारा 80CCD(1) के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स छूट ले सकते हैं, साथ ही 50000 रुपये अतिरिक्त छूट 80CCD(1B) के तहत मिलती है। इसके अलावा, आपके एम्प्लॉयर द्वारा की गई NPS योगदान 80CCD(2) के तहत टैक्स-फ्री होती है।

Tier 1 पर सालाना कम से कम 1,000 रुपये जमा करना जरूरी है। यह रिटायरमेंट के लिए है, इसलिए निकासी के कड़े नियम हैं। इसके तहत 3 साल बाद आंशिक निकासी खास जरूरतों पर ही हो सकती है। 60 साल की उम्र के बाद आप 60% रकम टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं, लेकिन कम से कम 40% से एन्युटी खरीदना अनिवार्य है ताकि आपको मासिक पेंशन मिल सके।

Tier 2 विकल्प में क्या है खास?

Tier 2 एक वैकल्पिक और पूरी तरह लचीला अकाउंट है। इसमें आप पैसे कभी भी डाल या निकाल सकते हैं। कोई लॉक-इन नहीं है। न्यूनतम जमा 250 रुपये है और कोई न्यूनतम बैलेंस की शर्त नहीं है। हालांकि, ज्यादातर लोगों को इस पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती। सिर्फ केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को Tier 2 पर तीन साल के लॉक-इन के बदले 80C में टैक्स छूट मिलती है। Tier 2 उन निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प है जो बिना रोक-टोक, मार्केट आधारित निवेश करना चाहते हैं लेकिन NPS के फंड मैनेजमेंट का फायदा भी लेना चाहते हैं।

कौन सा अकाउंट है बेहतर

अब बात करें कि किसे कौनसा अकाउंट चुनना चाहिए- तो Tier 1 लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट योजना के लिए सबसे बेहतर है, खासकर उनके लिए जो टैक्स छूट और प्रोफेशनल फंड मैनेजमेंट चाहते हैं। Tier 2 उन लोगों के लिए उपयोगी है जिन्हें पैसे की लिक्विडिटी चाहिए या बीच-बीच में पैसा निकालने की जरूरत होती है। अधिकतर नए निवेशक ऐसा करते हैं। ज्यादातर लोग Tier 1 को रिटायरमेंट के लिए रखते हैं और Tier 2 को सिर्फ तभी खोलते हैं जब अतिरिक्त लचीले निवेश की जरूरत हो।

इसके तहत आपको दोनों Tier 1 और Tier 2 अकाउंट खोलने जरूरी नहीं हैं। NPS में निवेश करने के लिए केवल Tier 1 अनिवार्य है। Tier 2 पूरी तरह वैकल्पिक है। ध्यान रहे कि Tier 2 से Tier 1 में ट्रांसफर करके टैक्स बचत नहीं की जा सकती। टैक्स छूट सिर्फ Tier 1 में नई जमा रकम पर मिलती है। अब एक बड़ा सलाल यह भी है कि म्यूचुअल फंड और NPS Tier 1 में क्या बेहतर है। बता दें कि दोनों के उद्देश्य अलग हैं। NPS Tier 1 केवल रिटायरमेंट के लिए अच्छा है, जबकि म्यूचुअल फंड जीवन के बाकी लक्ष्यों के लिए उपयोगी हैं। कई निवेशक दोनों का संतुलित उपयोग करते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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