पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड January 02, 2026, 15:25 IST
सारांश
पेंशन नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के नियमों में बड़े सुधार किए हैं। अब सब्सक्राइबर्स अपने पेंशन फंड पर लोन ले सकते हैं और निकासी के नियमों को भी आसान बनाया गया है। एंट्री और एग्जिट की उम्र 85 साल तक कर दी गई है, जिससे रिटायरमेंट प्लानिंग और भी आसान होगी।

एनपीएस को और भी आकर्षक बनाने के लिए सरकार ने नए नियम जारी किए हैं।
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य मकसद NPS को रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद और लचीला बनाना है। अब सब्सक्राइबर्स को अपने पेंशन फंड के पैसों के इस्तेमाल में पहले से ज्यादा आजादी मिलेगी। ये नए नियम मुख्य रूप से गैर-सरकारी क्षेत्र यानी आम नागरिकों और कॉर्पोरेट सेक्टर के सब्सक्राइबर्स के लिए लागू किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन आसान नियमों से ज्यादा से ज्यादा लोग भविष्य के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
नए नियमों के तहत अब एनपीएस में शामिल होने और इससे बाहर निकलने की अधिकतम उम्र को बढ़ाकर 85 साल कर दिया गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि अब इसमें कोई लॉक इन पीरियड नहीं होगा, यानी आप अपनी मर्जी से कभी भी इस स्कीम से बाहर निकल सकते हैं। अगर आप ऑल सिटीजन मॉडल के तहत निवेश कर रहे हैं, तो सामान्य एग्जिट के लिए 15 साल का समय या 60 साल की उम्र तय की गई है। वहीं जो लोग 60 साल की उम्र के बाद एनपीएस से जुड़ते हैं, उनके लिए भी कोई लॉक इन पीरियड नहीं रखा गया है और वे कभी भी बाहर निकल सकते हैं।
निकासी के नियमों को अब आपके कुल जमा फंड यानी कॉर्पस की राशि के हिसाब से काफी आसान बना दिया गया है। अगर आपका कुल फंड 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो आप पूरी रकम एक साथ निकाल सकते हैं। 8 लाख से 12 लाख रुपये के बीच फंड होने पर आप 6 लाख रुपये तक एकमुश्त निकाल सकते हैं और बाकी रकम को किस्तों में लेने का विकल्प चुन सकते हैं। यदि आपका फंड 12 लाख रुपये से ज्यादा है, तो 80 प्रतिशत हिस्सा एकमुश्त निकाला जा सकता है, जबकि कम से कम 20 प्रतिशत हिस्से से आपको पेंशन योजना यानी एन्युटी खरीदना जरुरी होगा।
सब्सक्राइबर्स के लिए एक और बड़ी राहत की खबर यह है कि अब वे अपने NPS फंड पर किसी भी मान्यता प्राप्त बैंक से लोन ले सकते हैं। बैंक आपके खुद के योगदान के 25 प्रतिशत हिस्से तक पर लोन दे सकते हैं। इतना ही नहीं, इस लोन को चुकाने के लिए आप अपने एनपीएस खाते से आंशिक निकासी यानी पार्शियल विड्रॉल भी कर सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगी जिन्हें अचानक बड़ी वित्तीय मदद की जरुरत पड़ती है। इससे एनपीएस अब केवल बुढ़ापे की लाठी ही नहीं बल्कि जरुरत के समय काम आने वाला साथी भी बन गया है।
आंशिक निकासी की सुविधा अब कुछ खास वजहों के लिए ही दी जाएगी। आप घर खरीदने, अपना या परिवार का इलाज कराने और लिए गए लोन को चुकाने के लिए अपने योगदान का 25 प्रतिशत तक पैसा निकाल सकते हैं। 60 साल की उम्र से पहले आप कुल 4 बार पैसा निकाल सकते हैं, लेकिन दो निकासी के बीच 4 साल का अंतर होना चाहिए। वहीं 60 साल की उम्र के बाद आप जितनी बार चाहें पैसा निकाल सकते हैं, बस दो निकासी के बीच 3 साल का अंतर होना जरुरी है। घर खरीदने के लिए पैसा केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके पास पहले से अपना घर नहीं है।
अगर किसी सब्सक्राइबर की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी को पूरी 100 प्रतिशत रकम एक साथ निकालने की आजादी दी गई है। नॉमिनी चाहें तो इस पैसे से पेंशन योजना यानी एन्युटी भी चुन सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद निवेश जारी रखने के लिए अब किसी भी तरह की सूचना देने की जरुरत नहीं होगी और खाता अपने आप जारी रहेगा। PFRDA का मानना है कि इन बदलावों से सब्सक्राइबर्स को अपनी निवेश की गई पूंजी पर बेहतर कंट्रोल मिलेगा और वे अपनी जरूरतों के हिसाब से फैसले ले पाएंगे। इन आसान नियमों से रिटायरमेंट प्लानिंग अब हर किसी के लिए और भी सरल हो गई है।
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