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  1. क्या 60 साल की उम्र में ड्रीम होम के लिए मिल सकता है लोन, जानिए क्या कहता है नियम?

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क्या 60 साल की उम्र में ड्रीम होम के लिए मिल सकता है लोन, जानिए क्या कहता है नियम?

Upstox

4 min read | अपडेटेड February 16, 2026, 15:51 IST

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सारांश

60 साल की उम्र में भी अपना घर खरीदने का सपना पूरा किया जा सकता है। बैंक सीनियर सिटीजन्स को होम लोन देते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ खास शर्तें होती हैं। इसमें आपकी पेंशन, को-एप्लीकेंट और लोन की अवधि जैसे फैक्टर्स बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इसके नियम।

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60 साल की उम्र में होम लोन लेकर अपना घर बनाने की प्लानिंग करते सीनियर सिटीजन।

रिटायरमेंट के बाद सुकून से अपने घर में रहना हर किसी की चाहत होती है। अक्सर लोग अपनी पूरी नौकरी के दौरान पैसे जोड़ते हैं और अंत में अपना ड्रीम होम बनाने की सोचते हैं। लेकिन एक बड़ा सवाल हमेशा मन में रहता है कि क्या 60 साल की उम्र में बैंक हमें होम लोन देंगे। आम तौर पर लोगों को लगता है कि बैंक सिर्फ उन लोगों को लोन देते हैं जिनकी नौकरी के कई साल बचे होते हैं। लेकिन आपको बता दें कि आज के समय में कई बैंक और फाइनेंस कंपनियां सीनियर सिटीजन्स की जरूरतों को समझते हुए उन्हें भी होम लोन की सुविधा देती हैं। 60 साल की उम्र में लोन मिलना असंभव नहीं है, बस इसके लिए बैंक की कुछ खास शर्तों को पूरा करना होता है।

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लोन मिलने की सबसे पहली और बड़ी शर्त

जब आप 60 की उम्र में होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक सबसे पहले आपकी कमाई का जरिया देखता है। चूंकि इस उम्र में ज्यादातर लोग रिटायर हो चुके होते हैं, इसलिए बैंक आपकी पेंशन को आय का मुख्य स्रोत मानता है। अगर आपकी पेंशन अच्छी है और आप लोन की ईएमआई चुकाने की स्थिति में हैं, तो बैंक आपके आवेदन पर विचार कर सकता है। इसके अलावा अगर आपकी कोई दूसरी कमाई भी है, जैसे कि किसी प्रॉपर्टी से आने वाला किराया या फिर फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज, तो इसे भी आप अपनी इनकम में जोड़ सकते हैं। बैंक यह पक्का करना चाहता है कि लोन लेने के बाद आपको उसे वापस करने में कोई दिक्कत न आए।

को-एप्लीकेंट का साथ बनाता है काम आसान

सीनियर सिटीजन के तौर पर अकेले लोन लेना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन अगर आप किसी को-एप्लीकेंट को साथ जोड़ लेते हैं, तो लोन मिलने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। को-एप्लीकेंट के तौर पर आप अपने बेटे, बेटी या पत्नी को जोड़ सकते हैं जिनकी उम्र कम हो और उनकी अपनी कमाई का जरिया हो। इससे बैंक को सुरक्षा का अहसास होता है कि अगर किसी वजह से आपकी पेंशन कम पड़ती है, तो दूसरा व्यक्ति लोन की किस्त चुका सकता है। कम उम्र का को-एप्लीकेंट होने से आपको लोन की अवधि भी ज्यादा मिल सकती है, जिससे आपकी मासिक किस्त यानी ईएमआई का बोझ कम हो जाता है।

सीनियर सिटीजन्स के लिए लोन की अवधि यानी टेन्योर आमतौर पर कम होता है। बैंक अक्सर यह कोशिश करते हैं कि लोन लेने वाले व्यक्ति की उम्र 70 या 75 साल होने तक पूरा कर्ज चुका दिया जाए। मान लीजिए अगर आप 60 साल की उम्र में लोन ले रहे हैं, तो बैंक आपको 10 से 15 साल तक का ही समय देगा। कम समय होने की वजह से आपकी ईएमआई की रकम थोड़ी ज्यादा हो सकती है। इसलिए आपको अपने बजट और फ्यूचर की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही लोन की रकम तय करनी चाहिए। कुछ बैंक खास तौर पर पेंशनर्स के लिए अलग स्कीम चलाते हैं, जहां नियमों में थोड़ी राहत भी दी जाती है।

क्रेडिट स्कोर और जरूरी दस्तावेज

किसी भी उम्र में लोन लेने के लिए आपका क्रेडिट स्कोर बहुत मायने रखता है। अगर आपने पास्ट में अपने सभी लोन और क्रेडिट कार्ड के बिल समय पर चुकाए हैं, तो आपका स्कोर अच्छा होगा और बैंक आपको आसानी से लोन दे देगा। कागजी कार्रवाई की बात करें तो आपको अपनी पेंशन स्लिप, पिछले कुछ महीनों का बैंक स्टेटमेंट, पहचान पत्र और प्रॉपर्टी के पेपर्स जमा करने होंगे। कई बार बैंक आपकी सेहत का हाल जानने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की मांग भी कर सकते हैं। लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना जरूर कर लेनी चाहिए, क्योंकि सीनियर सिटीजन्स को कुछ बैंक ब्याज दरों में मामूली रियायत भी देते हैं।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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