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  1. FD-backed Credit Card क्या है, यह कैसे करता है काम, क्या हैं फायदे-नुकसान

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FD-backed Credit Card क्या है, यह कैसे करता है काम, क्या हैं फायदे-नुकसान

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 06, 2026, 17:33 IST

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सारांश

FD-backed credit card: अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह काफी मददगार होता है। समय पर पेमेंट और रेगुलर इस्तेमाल से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनती है, जिससे आगे चलकर आपको लोन या बिना FD वाले क्रेडिट कार्ड आसानी से मिल सकते हैं।

Credit Card

Credit Card: यह कार्ड बिल्कुल नॉर्मल क्रेडिट कार्ड की तरह काम करता है।

FD-backed Credit Card: क्रेडिट स्कोर खराब होने या क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होने पर कई लोगों को क्रेडिट कार्ड हासिल करने में दिक्कत होती है। हालांकि एक विकल्प है, जिससे आप क्रेडिट कार्ड हासिल कर सकते हैं। ये है FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड। इसमें आप एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनाते हैं और उसी के बदले बैंक आपको क्रेडिट कार्ड जारी करता है। ऊपर से देखने पर यह बिल्कुल सेफ लगता है, लेकिन पूरी सच्चाई थोड़ी अलग है। यहां हम समझेंगे कि इसमें क्या खास है।
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इसमें असल में क्या होता है?

असल में आप बैंक को सिक्योरिटी दे रहे होते हैं। इसमें आपकी FD गिरवी के रूप में रखी जाती है और आपको जो क्रेडिट लिमिट मिलती है, वह आमतौर पर FD के 75% से 90% तक होती है। यह कार्ड बिल्कुल नॉर्मल क्रेडिट कार्ड की तरह काम करता है। आप खर्च करते हैं, बिल आता है और आपको समय पर पेमेंट करनी होती है। अगर आप पेमेंट नहीं करते, तो बैंक आपकी FD से पैसा काट सकता है।

लोग इसे क्यों चुनते हैं?

लोग इस ऑप्शन को इसलिए चुनते हैं क्योंकि यह आसानी से मिल जाता है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर नहीं है या इनकम प्रूफ नहीं है, तब भी यह कार्ड मिल सकता है। जो लोग अपना क्रेडिट स्कोर सुधारना चाहते हैं, वे भी इसका इस्तेमाल करते हैं। बैंक के लिए रिस्क कम होता है क्योंकि उनका पैसा FD के रूप में सुरक्षित रहता है, इसलिए अप्रूवल जल्दी मिल जाता है।

क्या इसका इस्तेमाल करना चाहिए?

अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह काफी मददगार होता है। समय पर पेमेंट और रेगुलर इस्तेमाल से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनती है, जिससे आगे चलकर आपको लोन या बिना FD वाले क्रेडिट कार्ड आसानी से मिल सकते हैं। साथ ही, क्योंकि आपकी लिमिट FD से जुड़ी होती है, आप ज्यादा खर्च नहीं कर पाते, जिससे खर्च कंट्रोल में रहता है।

ये है रिस्क

यहां एक जरूरी बात है जो लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। सिर्फ इसलिए कि कार्ड FD से जुड़ा है, इसका मतलब यह नहीं कि उस पर ब्याज कम लगेगा। अगर आप पूरा बिल नहीं चुकाते और आउटस्टैंडिंग बैलेंस रखते हैं, तो ब्याज उतना ही ज्यादा होता है जितना किसी भी क्रेडिट कार्ड में। यह अक्सर 30% सालाना से भी ज्यादा होता है। दूसरी तरफ आपकी FD सिर्फ 6–7% का रिटर्न दे रही होती है, यानी यह अंतर आपके खिलाफ जाता है।

इसमें आपकी FD लॉक रहती है। जब तक कार्ड चालू है, आप उस पैसे को इस्तेमाल नहीं कर सकते, जिससे आपकी लिक्विडिटी कम हो जाती है। अगर आप डिफॉल्ट करते हैं, तो बैंक सीधे FD तोड़कर अपना पैसा निकाल लेता है।

यह समझना जरूरी है कि FD-बैक्ड क्रेडिट कार्ड का असली मकसद रिवॉर्ड्स नहीं, बल्कि अनुशासन बनाना और क्रेडिट हिस्ट्री तैयार करना है। अगर आप इसे समझदारी से इस्तेमाल करते हैं, यानी जितना खर्च कर सकते हैं उतना ही खर्च करें और हर महीने पूरा बिल समय पर चुका दें, तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। लेकिन अगर ऐसा नहीं करते, तो यह आपको वही नुकसान दे सकता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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