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EPFO पर आया बड़ा अपडेट, 7 लाख बंद खातों का पैसा लौटाएगी सरकार, यहां समझिए प्रोसेस

Upstox

4 min read | अपडेटेड February 24, 2026, 12:41 IST

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सारांश

श्रम मंत्रालय ने ईपीएफओ (EPFO) के उन इनऑपरेटिव खातों का पैसा लौटाने का फैसला किया है जिनमें 1000 रुपये या उससे कम बैलेंस है। इस फैसले से 7 लाख से ज्यादा लोगों को फायदा होगा और करीब 30.52 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे।

epfo income tax rules update

ईपीएफओ अब बिना किसी कागजी कार्रवाई के छोटे पीएफ बैलेंस को सीधे सब्सक्राइबर्स के खाते में भेजेगा।

देश के लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए श्रम मंत्रालय ने एक बहुत ही राहत भरी खबर दी है। अक्सर लोग नौकरी बदलने के बाद अपने पुराने पीएफ खातों को भूल जाते हैं या उनमें पड़े थोड़े-बहुत पैसों को निकालने की झंझट से बचते हैं। लेकिन अब सरकार ने खुद आगे बढ़कर इन पैसों को लौटाने का जिम्मा उठाया है। ईपीएफओ (EPFO) उन सभी इनऑपरेटिव यानी बंद पड़े खातों का पैसा वापस करने जा रहा है जिनमें बैलेंस 1000 रुपये या उससे कम है। इस शानदार फैसले के बाद करीब सात लाख से ज्यादा खाताधारकों के चेहरे पर खुशी आने वाली है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पैसे को पाने के लिए आपको न तो कोई अर्जी देनी होगी और न ही पीएफ दफ्तर के चक्कर काटने पड़ेंगे। यह सारा काम पूरी तरह से ऑटोमैटिक तरीके से किया जाएगा।

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क्या होता है इनऑपरेटिव पीएफ खाता?

बहुत से लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि उनका खाता चालू है या बंद। आसान भाषा में समझें तो अगर किसी पीएफ खाते में लगातार 36 महीनों यानी 3 साल तक न तो कर्मचारी की तरफ से और न ही कंपनी की तरफ से कोई पैसा जमा किया जाता है, तो उसे इनऑपरेटिव मान लिया जाता है। श्रम मंत्रालय की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईपीएफओ के पास फिलहाल ऐसे 31.86 लाख खाते पड़े हैं जिनमें कुल मिलाकर 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें से करीब 7.11 लाख खाते ऐसे पाए गए हैं जिनमें बैलेंस 1000 रुपये या उससे कम है। सरकार ने फिलहाल इन्हीं छोटे खातों को साफ करने का बड़ा अभियान शुरू किया है ताकि लोगों की मेहनत की छोटी से छोटी कमाई भी बेकार न जाए।

बिना कागजी कार्रवाई के कैसे मिलेगा पैसा

श्रम मंत्रालय ने एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग में यह तय किया है कि इन खातों के निपटारे के लिए किसी भी तरह की कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं होगी। जिन मेंबर्स के पीएफ खाते उनके आधार कार्ड से लिंक हैं और बैंक डिटेल्स अपडेटेड हैं, उनके बैंक अकाउंट में यह पैसा सीधे क्रेडिट कर दिया जाएगा। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि करीब 30.52 करोड़ रुपये की यह रकम जल्द ही हकदारों तक पहुँच जाएगी। अगर किसी मुख्य खाताधारक की मौत हो गई है, तो यह पैसा उनके द्वारा तय किए गए नॉमिनी या कानूनी वारिस को दिया जाएगा। इस कदम से ईपीएफओ के डेटाबेस में जमा पुरानी गंदगी साफ होगी और लोगों को उनका हक मिलेगा।

ईपीएफओ 3.0 और डिजिटल बदलाव

इस सफाई अभियान के साथ-साथ सरकार ईपीएफओ को पूरी तरह से हाई-टेक बनाने में जुटी है। 'ईपीएफओ 3.0' प्रोजेक्ट के जरिए पीएफ की सभी सेवाओं को डिजिटल किया जा रहा है। इसके तहत कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) की सुविधा शुरू की जा रही है जिससे क्लेम सेटलमेंट की रफ़्तार बहुत बढ़ जाएगी। अभी जहाँ किसी भी क्लेम को पास होने में 20 दिन तक का समय लग जाता है, वहीं नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह काम सिर्फ 3 दिन के भीतर पूरा हो जाएगा। जो क्लेम रिस्क मैनेजमेंट जांच में सही पाए जाएंगे, उन्हें बिना किसी इंसानी दखल के कंप्यूटर के जरिए तुरंत सेटल कर दिया जाएगा।

शिकायतों का होगा जल्द निपटारा

सरकार का मकसद सिर्फ पैसा लौटाना ही नहीं है, बल्कि पीएफ सब्सक्राइबर्स के अनुभव को भी बेहतर बनाना है। इसके लिए ईपीएफओ की तरफ से रेगुलर मीटिंग्स की जा रही हैं ताकि लोगों की शिकायतों को जल्दी सुलझाया जा सके। इस नए डिजिटल सिस्टम से न सिर्फ कागजी काम कम होगा, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता भी आएगी। मंत्रालय का कहना है कि इनऑपरेटिव खातों को साफ करने का यह काम अलग-अलग चरणों में चलता रहेगा ताकि भविष्य में किसी भी बड़े बैलेंस वाले खाते का पैसा भी सुरक्षित तरीके से लौटाया जा सके।

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लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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