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  1. Bank FDs, PPF, SCSS, SSY और EPF में से किसमें मिलता है अधिक ब्याज, यहां जानें डीटेल

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Bank FDs, PPF, SCSS, SSY और EPF में से किसमें मिलता है अधिक ब्याज, यहां जानें डीटेल

Upstox

3 min read | अपडेटेड March 05, 2026, 15:22 IST

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सारांश

ईपीएफओ ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ईपीएफ पर 8.25 पर्सेंट की ब्याज दर बरकरार रखी है। लगातार तीसरे साल ब्याज दरों को स्थिर रखकर सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दी है। यह दर पीपीएफ और बैंक एफडी जैसे अन्य फिक्स्ड इनकम विकल्पों के मुकाबले काफी ज्यादा और फायदेमंद है।

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ईपीएफ पर मिलने वाले ब्याज को 8.25 पर्सेंट पर फिक्स कर दिया है।

नौकरीपेशा लोगों के लिए बचत और रिटायरमेंट की प्लानिंग को लेकर एक बहुत ही शानदार खबर आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है। सरकार ने लगातार तीसरे साल ब्याज दर को 8.25 पर्सेंट पर बरकरार रखने का फैसला किया है। ग्लोबल मार्केट में चल रही अनिश्चितताओं और आर्थिक उतार-चढ़ाव के बावजूद ईपीएफओ ने अपने सब्सक्राइबर्स को स्थिर और आकर्षक रिटर्न देने का वादा निभाया है। मंत्रालय का कहना है कि बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट की वजह से वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपने मेंबर्स को यह बेहतर ब्याज दे पा रहे हैं।

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ईपीएफ की ब्याज दरों में स्थिरता

ईपीएफओ द्वारा तय की गई यह 8.25 पर्सेंट की ब्याज दर उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित जगहों पर निवेश करना चाहते हैं। पिछले तीन सालों से सरकार ने इसी दर पर ब्याज दिया है, जो यह दिखाता है कि ईपीएफ एक बहुत ही भरोसेमंद स्कीम बनी हुई है। यह दर भारत में मौजूद लगभग सभी गारंटीड रिटर्न देने वाले निवेश विकल्पों में सबसे ज्यादा है। जैसे ही सरकार इसे आधिकारिक तौर पर नोटिफाई करेगी, ईपीएफओ सभी सब्सक्राइबर्स के खातों में ब्याज का पैसा जमा करना शुरू कर देगा।

अन्य बचत योजनाओं से तुलना

अगर हम ईपीएफ की तुलना बाजार में मौजूद अन्य फिक्स्ड इनकम विकल्पों से करें, तो ईपीएफ सबको पीछे छोड़ता नजर आता है। उदाहरण के लिए, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर फिलहाल 8.2 पर्सेंट का ब्याज मिल रहा है, जो ईपीएफ से थोड़ा कम है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में 7.7 पर्सेंट और पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ में तो केवल 7.1 पर्सेंट का ही ब्याज मिल रहा है। वहीं बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी पर मिलने वाला ब्याज 6.5 से 7.5 पर्सेंट के बीच ही रहता है। इन आंकड़ों से साफ है कि ईपीएफ फिलहाल बचत का सबसे बेहतरीन जरिया है।

ईपीएफ क्यों है सबसे बेहतर?

ईपीएफ को जो चीज सबसे अलग और खास बनाती है, वह है इसमें मिलने वाला सालाना कंपाउंडिंग का फायदा और आपके एम्प्लॉयर का योगदान। ईपीएफ में आपके साथ-साथ आपकी कंपनी भी पैसे जमा करती है, जिससे आपका फंड तेजी से बढ़ता है और आपकी कुल कमाई में इजाफा होता है। इसके अलावा रिटायरमेंट के समय मिलने वाला ईपीएफ का पैसा और उसका ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे से बाहर होता है, जैसा कि पीपीएफ में होता है। जबकि बैंक एफडी या एनएससी जैसी योजनाओं में मिलने वाले ब्याज पर आपको टैक्स देना पड़ सकता है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट में बदलाव के बाद कई बैंकों ने एफडी की दरों में कटौती की है, लेकिन ईपीएफ ने अपनी दर को स्थिर रखकर निवेशकों का भरोसा जीता है।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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