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Credit Card: क्रेडिट कार्ड खर्च पर इनकम टैक्स की नजर कब पड़ती है? क्या हैं नियम और नोटिस आ जाए तो क्या करें?

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 22, 2026, 18:58 IST

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सारांश

Credit Card: कई लोग रिवॉर्ड पॉइंट्स कमाने के चक्कर में अपने दोस्तों या परिवार को कार्ड दे देते हैं। बाद में वो लोग पैसे वापस कर देते हैं। इसे मनी रोटेशन कहा जाता है। लेकिन समस्या ये है कि खर्च आपके नाम पर दिखता है, जबकि आपकी इनकम उतनी नहीं होती। इससे टैक्स डिपार्टमेंट को शक हो सकता है।

Credit Card

आमतौर पर ऐसे मामलों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट Section 142(1) के तहत नोटिस भेजता है।

Credit Card: आजकल क्रेडिट कार्ड से खर्च करना आम बात है। लेकिन बहुत से लोगों को ये नहीं पता कि अगर कार्ड से ज्यादा खर्च होता है, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर पड़ सकती है। अगर आपके क्रेडिट कार्ड का खर्च आपकी ITR में दिखाई गई आय से काफी ज्यादा है, तो उन्हें रिव्यू के लिए फ्लैग किया जा सकता है। ऐसा अक्सर तब होता है जब कोई व्यक्ति ज्यादा वैल्यू के ट्रांजेक्शन करता है, बार-बार कार्ड इस्तेमाल करता है, या फिर दोस्तों-रिश्तेदारों को अपना कार्ड इस्तेमाल करने देता है।
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कई लोग रिवॉर्ड पॉइंट्स कमाने के चक्कर में अपने दोस्तों या परिवार को कार्ड दे देते हैं। बाद में वो लोग पैसे वापस कर देते हैं। इसे मनी रोटेशन कहा जाता है। लेकिन समस्या ये है कि खर्च आपके नाम पर दिखता है, जबकि आपकी इनकम उतनी नहीं होती। इससे टैक्स डिपार्टमेंट को शक हो सकता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर क्रेडिट कार्ड खर्च और घोषित इनकम में बड़ा फर्क दिखता है, तो इनकम टैक्स नोटिस आ सकता है। भले ही पैसे बाद में बैंक ट्रांसफर से वापस मिल गए हों, फिर भी खर्च रिकॉर्ड में आपके नाम पर ही रहता है। एक जरूरी बात ये भी है कि अगर किसी व्यक्ति का क्रेडिट कार्ड खर्च एक फाइनेंशियल ईयर में ₹10 लाख से ज्यादा हो जाता है, तो बैंक और कार्ड कंपनियां इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देती हैं। इसे Statement of Financial Transactions (SFT) कहा जाता है। इस लिमिट को पार करते ही आप टैक्स विभाग के रडार पर आ सकते हैं।

नोटिस किन सेक्शन में आ सकता है?

आमतौर पर ऐसे मामलों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट Section 142(1) के तहत नोटिस भेजता है। इसमें आपसे खर्च से जुड़ी जानकारी, डॉक्यूमेंट्स और सफाई मांगी जाती है। अगर ज्यादा जांच की जरूरत पड़ी, तो आगे और स्क्रूटनी हो सकती है। इसके अलावा, टैक्स विभाग बैंक या कार्ड कंपनी से सीधे जानकारी लेने के लिए Section 133(6) के तहत नोटिस भेज सकता है।

अगर नोटिस आ जाए तो क्या करें?

सबसे जरूरी है कि आप अपने सभी ट्रांजैक्शन्स के सबूत संभालकर रखें। जैसे बैंक स्टेटमेंट, दोस्तों या रिश्तेदारों से मिला रीइम्बर्समेंट या खर्च से जुड़े बिल और रसीदें। नोटिस का जवाब देते समय साफ-साफ बताएं कि कार्ड किसने इस्तेमाल किया था और पैसे किस तरीके से वापस मिले। अगर जरूरत पड़े, तो जिन लोगों ने कार्ड इस्तेमाल किया था, उनसे लिखित कन्फर्मेशन भी ले सकते हैं।

भविष्य में ध्यान रखें कि बार-बार दूसरों को कार्ड देने से बचें। क्योंकि अगर टैक्स डिपार्टमेंट आपकी सफाई से संतुष्ट नहीं हुआ, तो वह इस खर्च को अघोषित आय मान सकता है। ऐसे में Section 69C या Section 68 के तहत टैक्स, ब्याज और पेनल्टी लग सकती है। कुछ मामलों में आपकी पूरी फाइनेंशियल एक्टिविटी की जांच हो सकती है, और गंभीर स्थिति में कार्ड कंपनी आपका क्रेडिट कार्ड ब्लॉक भी कर सकती है।

क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना गलत नहीं है, और कभी-कभार दोस्तों या परिवार को देना भी गैरकानूनी नहीं है। लेकिन सिर्फ रिवॉर्ड पॉइंट्स के लिए बार-बार ऐसा करना टैक्स नोटिस और भारी पेनल्टी की वजह बन सकता है। इसलिए समझदारी से कार्ड इस्तेमाल करें, खर्च और इनकम में संतुलन रखें, ताकि बाद में परेशानी न हो।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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