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3 min read | अपडेटेड January 23, 2026, 12:09 IST
सारांश
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों (PSGICs) और नाबार्ड के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही आरबीआई और नाबार्ड के पेंशनभोगियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले से लगभग 46,322 कर्मचारियों और 46,830 पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन व पेंशन संशोधन की बड़ी सौगात।
केंद्र सरकार ने सरकारी क्षेत्र के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मनोबल को बढ़ाने और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 23 जनवरी को सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों यानी पीएसजीआईसी और नाबार्ड के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड के रिटायर कर्मचारियों के लिए पेंशन संशोधन का भी एलान किया गया है। सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से कुल मिलाकर लगभग 46,322 कर्मचारियों, 23,570 पेंशनभोगियों और 23,260 पारिवारिक पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलने वाला है।
सरकार के फैसले के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन 1 अगस्त 2022 से प्रभावी माना जाएगा। इसमें कुल वेतन बिल में 12.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिसमें मौजूदा मूल वेतन और महंगाई भत्ते पर 14 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है। इससे नेशनल इंश्योरेंस, न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, जीआईसी और एआईसीआईएल के कुल 43,247 कर्मचारियों को लाभ होगा। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2010 के बाद शामिल हुए कर्मचारियों के लिए एनपीएस योगदान को भी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। पारिवारिक पेंशन को भी अब सभी के लिए समान रूप से 30 प्रतिशत की दर से संशोधित किया गया है।
नाबार्ड के कर्मचारियों के लिए वेतन और भत्तों में संशोधन 1 नवंबर 2022 से प्रभावी होगा। इसके तहत ग्रुप 'ए', 'बी' और 'सी' के सभी कर्मचारियों के वेतन में करीब 20 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है। इस संशोधन से लगभग 3,800 अभी काम कर रहे और पूर्व कर्मचारियों को फायदा पहुंचेगा। इसके साथ ही, नाबार्ड द्वारा सीधे भर्ती किए गए उन पेंशनभोगियों की पेंशन में भी सुधार किया गया है जो 1 नवंबर 2017 से पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें अब पूर्व-आरबीआई नाबार्ड सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बराबर लाया गया है। सरकार पर इस वेतन संशोधन के कारण सालाना लगभग 170 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी सरकार ने बड़ी घोषणा की है। सरकार ने आरबीआई के पेंशनभोगियों और उनके परिवारों के लिए पेंशन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह वृद्धि मूल पेंशन और महंगाई राहत पर आधारित होगी और 1 नवंबर 2022 से लागू मानी जाएगी। इस फैसले के बाद बेसिक पेंशन में 1.43 गुना का प्रभावी सुधार होगा, जिससे पेंशनभोगियों की मासिक आय में शानदार वृद्धि होगी। इस संशोधन से कुल 30,769 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा, जिनमें 22,580 पेंशनभोगी और 8,189 पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल हैं।
इन सभी संशोधनों को लागू करने के लिए सरकार एक बड़ी राशि खर्च करने जा रही है। बीमा कंपनियों के लिए कुल खर्च 8,170.30 करोड़ रुपये होगा, जिसमें वेतन संशोधन के बकाया यानी एरियर के लिए 5,822.68 करोड़ रुपये रखे गए हैं। आरबीआई के पेंशन संशोधन के लिए कुल 2,696.82 करोड़ रुपये का वित्तीय भार अनुमानित है, जिसमें एक बार में दिया जाने वाला एरियर 2,485.02 करोड़ रुपये शामिल है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से कर्मचारियों और बुजुर्ग नागरिकों को महंगाई के दौर में अपना जीवन स्तर बेहतर बनाए रखने और सम्मान के साथ जीने में मदद मिलेगी।
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