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4 min read | अपडेटेड December 12, 2025, 14:09 IST
सारांश
Year Ender 2025: साल 2025 में जहां कई आईपीओ ने निवेशकों को मालामाल किया, वहीं कुछ कंपनियों ने भारी नुकसान भी पहुंचाया। इस लिस्ट में 'जेम एरोमैटिक्स' सबसे ऊपर है, जिसने निवेशकों की 57 फीसदी दौलत साफ कर दी। इसके अलावा ग्लोटिस और वीएमएस टीएमटी जैसे शेयरों ने भी लिस्टिंग के बाद से अब तक निराश किया है।

साल 2025 में निवेशकों की जेब खाली करने वाले टॉप-5 आईपीओ?
Year Ender 2025: साल 2025 शेयर बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक तरफ जहां कई कंपनियों के आईपीओ ने लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी नाम रहे जिन्होंने निवेशकों की गाढ़ी कमाई को मिट्टी में मिला दिया। आज हम साल के अंत में उन 5 आईपीओ का लेखा-जोखा लेकर आए हैं, जिन्होंने इस साल सबसे खराब प्रदर्शन किया और निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया। आंकड़ों के मुताबिक, इन कंपनियों के शेयर अपने इश्यू प्राइस से 40 से 57 फीसदी तक नीचे कारोबार कर रहे हैं।
57% की गिरावट इस साल की सबसे बड़ी 'वेल्थ डिस्ट्रॉयर' यानी संपत्ति नष्ट करने वाली कंपनी 'जेम एरोमैटिक्स' साबित हुई है। 26 अगस्त 2025 को लिस्ट हुई इस कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस 325 रुपये से गिरकर अब महज 139.97 रुपये पर आ गया है। निवेशकों को इसमें कुल 56.94 फीसदी का नुकसान झेलना पड़ा है। गिरावट की बड़ी वजह कंपनी का बिजनेस मॉडल है, जो काफी हद तक 'मिंट' (पुदीना) उत्पादों पर निर्भर है। इसके अलावा कंपनी का नेगेटिव कैश फ्लो और चुनिंदा ग्राहकों पर अत्यधिक निर्भरता ने निवेशकों का भरोसा तोड़ दिया।
54% का गोता लॉजिस्टिक्स कंपनी 'ग्लोटिस लिमिटेड' दूसरे नंबर पर है। 7 अक्टूबर 2025 को लिस्ट हुई इस कंपनी ने पहले ही दिन निवेशकों को 35 फीसदी का झटका दिया था। 129 रुपये वाला यह शेयर अब गिरकर 59.19 रुपये पर पहुंच गया है, जिससे कुल गिरावट 54.17 फीसदी हो गई है। कंपनी का 95 फीसदी रेवेन्यू केवल ओशन फ्रेट (समुद्री माल ढुलाई) से आता है, जो काफी जोखिम भरा है। साथ ही, इसके मार्जिन में स्थिरता न होने के कारण निवेशकों ने इससे दूरी बना ली।
46% टूटा शेयर टीएमटी सरिए बनाने वाली कंपनी 'वीएमएस टीएमटी' का आईपीओ भी निवेशकों के लिए घाटे का सौदा रहा। 24 सितंबर 2025 को लिस्ट हुए इस शेयर का भाव 99 रुपये से लुढ़क कर 53.26 रुपये पर आ गया है, यानी इसमें 46.06 फीसदी की गिरावट आई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी पर कर्ज का भारी बोझ (Debt) और इसका कारोबार केवल गुजरात तक सीमित होना इसकी विफलता का मुख्य कारण बना। साथ ही, इसके मार्जिन भी अन्य कंपनियों के मुकाबले काफी कम थे।
43% की चपत जून 2025 में आई कंस्ट्रक्शन मटीरियल सप्लाई करने वाली कंपनी 'एरिसइंफ्रा सॉल्यूशंस' ने भी निराश किया। 222 रुपये के इश्यू प्राइस वाला यह शेयर अब 125.21 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जिससे निवेशकों को 43.47 फीसदी का नुकसान हुआ है। कंपनी आईपीओ से पहले ही घाटे में चल रही थी और इसका पी/ई रेश्यो भी नेगेटिव था। भारी कर्ज और गिरते रेवेन्यू ने इस शेयर को उठने ही नहीं दिया।
40% साफ महंगी शिक्षा देने वाली एडटेक कंपनी 'जारो इंस्टीट्यूट' का शेयर भी अपनी ऊंची कीमत को सही नहीं ठहरा पाया। 30 सितंबर 2025 को 890 रुपये के भारी-भरकम दाम पर आया यह आईपीओ अब 536.45 रुपये पर आ गया है। इसमें 39.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। लिस्टिंग के दिन ही यह शेयर 16 फीसदी टूट गया था। जानकारों के मुताबिक, इसका वैल्युएशन बहुत महंगा था और कंपनी कुछ ही पार्टनर संस्थानों पर निर्भर थी, जिसे बाजार ने पसंद नहीं किया।
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