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मार्केट न्यूज़

Axis Bank के नेट प्रॉफिट में 38% का उछाल, जानें HDFC, ICICI और Yes Bank के नतीजों का लेटेस्ट अपडेट

Shubham Singh Thakur

5 min read | अपडेटेड October 17, 2026, 16:36 IST

सारांश

Axis Bank का सितंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 37.6 फीसदी बढ़कर 7,003.3 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में 11.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 15,371.4 करोड़ रुपये हो गई।

Banking Results

Axis Bank का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 11,083 करोड़ रुपये हो गया।

Q2 Results: तिमाही नतीजों के लिहाज से आज 17 अक्तूबर का दिन खास है। आज 4 बड़े बैंक FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर रहे हैं। इनमें HDFC Bank, Axis Bank, ICICI Bank और Yes Bank शामिल हैं। HDFC Bank के शेयरों में शुक्रवार को 0.06 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह BSE पर 728.10 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। Axis Bank के शेयर भी 0.16 फीसदी लुढ़ककर 1286.45 रुपये पर आ गए। ICICI Bank के शेयर 0.13 फीसदी बढ़कर 1396.80 रुपये पर पहुंच गए। इसके अलावा Yes Bank में 3.20 फीसदी की गिरावट देखी गई और यह 17.57 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। यहां इन चारों बैंकों के तिमाही नतीजों की जानकारी दी जा रही है।
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Axis Bank का मुनाफा 38% उछला

एक्सिस बैंक का सितंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 37.6 फीसदी बढ़कर 7,003.3 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में 11.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 15,371.4 करोड़ रुपये हो गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक का शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 3.36 प्रतिशत रहा। अगर FCNR-B जमा पर पड़ने वाले असर को हटा दिया जाए, तो यह 3.47 प्रतिशत था।

बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 11,083 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 10,998 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दूसरी ओर, बैंक की अन्य आय 1 प्रतिशत घटकर 6,531 करोड़ रुपये रही। हालांकि, फीस से होने वाली आय 6 प्रतिशत बढ़कर 6,381 करोड़ रुपये हो गई।

दूसरी तिमाही में बैंक ने संभावित कर्ज नुकसान और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए 1,694 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इसमें खराब कर्ज के लिए 1,564 करोड़ रुपये अलग रखे गए। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ। सकल एनपीए (GNPA) का अनुपात घटकर 1.16 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 1.46 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 1.28 प्रतिशत था। शुद्ध एनपीए (NNPA) का अनुपात भी घटकर 0.35 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 0.44 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 0.39 प्रतिशत था।

ICICI Bank के नतीजे जारी

ICICI Bank का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 20.1% बढ़कर ₹14,843 करोड़ हो गया। यह बाजार के अनुमान ₹14,280 करोड़ से भी ज्यादा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर 17.7% बढ़कर ₹25,339 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹21,529 करोड़ था। इसके अलावा, बैंक का कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट 21.8% बढ़कर ₹20,805 करोड़ हो गया। बैंक की फीस से होने वाली कमाई भी 20.1% बढ़कर ₹7,795 करोड़ पहुंच गई।

हालांकि, बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट आई है। यह पिछली तिमाही के 4.36% से घटकर 4.18% हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.30% था। बैंक का खर्च 8.5% बढ़कर ₹12,811 करोड़ हो गया। वहीं, खराब कर्ज के संभावित नुकसान को पूरा करने के लिए बैंक ने ₹851 करोड़ का प्रावधान किया, जो पिछले साल के ₹914 करोड़ से कम है। बैंक ने ₹13,100 करोड़ का अतिरिक्त सुरक्षा प्रावधान भी बनाए रखा है, ताकि भविष्य में किसी वित्तीय जोखिम की स्थिति में मदद मिल सके।

बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। ग्रॉस NPA रेशियो जून में 1.38% था, जो सितंबर के अंत में घटकर 1.20% रह गया। पिछले साल यह 1.58% था। वहीं, नेट NPA रेशियो भी पिछली तिमाही के 0.35% से घटकर 0.30% हो गया। इस तिमाही में नए खराब कर्ज ₹4,833 करोड़ रहे, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹5,034 करोड़ थे।

HDFC Bank के तिमाही नतीजे

HDFC बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपने मुनाफे में 4.7% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। बैंक का शुद्ध मुनाफा बढ़कर ₹19,510 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह इससे कम था। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी कर्ज पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के बीच का अंतर 9.7% बढ़कर ₹34,619.2 करोड़ हो गया। वहीं, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) कुल संपत्ति के आधार पर 3.26% से घटकर 3.16% हो गया।

बैंक ने खराब कर्ज और दूसरे संभावित वित्तीय नुकसान के लिए जो प्रावधान किया, वह पिछली तिमाही के ₹3,010 करोड़ से बढ़कर ₹3,574 करोड़ हो गया। यानी जून तिमाही के मुकाबले इसमें 18.7% की बढ़ोतरी हुई। पिछले साल की सितंबर तिमाही के ₹3,501 करोड़ की तुलना में भी यह 2.1% ज्यादा रहा। ऐसे प्रावधान बैंक को भविष्य में कर्ज की वसूली में होने वाले नुकसान से निपटने में मदद करते हैं।

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी कर्ज की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। ग्रॉस NPA रेशियो सितंबर 2025 के 1.24% से घटकर सितंबर 2026 में 1.11% हो गया। जून 2026 में यह 1.17% था। कृषि क्षेत्र के खराब कर्ज को हटाकर देखें, तो यह अनुपात भी घटकर 0.87% रह गया। इसका मतलब है कि बैंक के कुल कर्ज में खराब कर्ज का हिस्सा कम हुआ है।

सितंबर के अंत में बैंक का कुल ग्रॉस NPA ₹35,810 करोड़ रहा, जो जून के ₹35,846 करोड़ से थोड़ा कम है। वहीं, नेट NPA 4.1% घटकर ₹11,851 करोड़ हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹12,357 करोड़ था। सितंबर तिमाही के अंत में नेट NPA रेशियो 0.37% रहा।

अन्य बैंकों के नतीजे भी यहां अपडेट किए जा रहे हैं...

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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