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Stock Market: IT शेयरों में गिरावट से लेकर FII सेलिंग तक, इन 5 वजहों से लुढ़का शेयर बाजार

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 06, 2026, 13:18 IST

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सारांश

Nifty IT इंडेक्स करीब 3% टूट गया और पिछले तीन दिनों से लगातार गिर रहा है। नया AI टूल लॉन्च होने के बाद से IT सेक्टर लगभग 9% टूट चुका है, और यह चार महीने से ज्यादा समय का सबसे खराब हफ्ता बन सकता है। Coforge 4% से ज्यादा गिरा, Persistent Systems और LTIMindtree करीब 3% टूटे।

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दिसंबर में RBI ने ब्याज दर 0.25% घटाई थी, लेकिन इस बार रेपो रेट 5.25% पर ही रोक दिया गया।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 06 फरवरी को गिरावट नजर आ रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय BSE Sensex में 229.49 अंकों की कमजोरी थी और यह 83,084.07 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 99.80 अंक टूटकर 25547.30 के स्तर पर आ गया है। वहीं इंट्राडे में Sensex 82,925.35 के स्तर तक लुढ़क गया था, जबकि Nifty 50 में भी 25,491.90 तक की गिरावट देखी गई। बाजार में इस गिरावट के लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार रहे, जिनके बारे में यहां बताया गया है।
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IT शेयरों की भारी गिरावट

Nifty IT इंडेक्स करीब 3% टूट गया और पिछले तीन दिनों से लगातार गिर रहा है। नया AI टूल लॉन्च होने के बाद से IT सेक्टर लगभग 9% टूट चुका है, और यह चार महीने से ज्यादा समय का सबसे खराब हफ्ता बन सकता है। Coforge 4% से ज्यादा गिरा, Persistent Systems और LTIMindtree करीब 3% टूटे। Mphasis और Tech Mahindra 2% से ज्यादा गिरे। TCS और Infosys भी लगभग 2% नीचे आए, जबकि Wipro और HCLTech करीब 1% फिसल गए।

RBI की पॉलिसी

दिसंबर में RBI ने ब्याज दर 0.25% घटाई थी, लेकिन इस बार रेपो रेट 5.25% पर ही रोक दिया गया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता के चलते फिलहाल सावधानी जरूरी है। यह FY27 बजट के बाद पहली मौद्रिक नीति बैठक थी। रेपो रेट को स्थिर रखने का मतलब है कि बाजार में आसानी से पैसा नहीं आएगा, जिससे शेयरों पर दबाव पड़ा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि महंगाई के मिले-जुले संकेत, करेंसी में उतार-चढ़ाव और दुनिया भर की अनिश्चितता को देखते हुए RBI ने यह सतर्क कदम उठाया है।

कच्चे तेल में उछाल

चौथी वजह कच्चे तेल की कीमतें रहीं। Brent crude बढ़कर 67.71 डॉलर प्रति बैरल हो गया। तेल महंगा होने से भारत में महंगाई बढ़ सकती है और ट्रेड घाटा भी बढ़ता है, जिससे शेयर बाजार का सेंटीमेंट खराब होता है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है। गुरुवार को FIIs ने करीब ₹2,150 करोड़ के शेयर बेच दिए। फरवरी में दो दिन खरीदारी करने के बाद वे फिर से बिकवाल बन गए। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि FIIs का दोबारा बेचने लगना और डेरिवेटिव मार्केट में शॉर्ट पोजिशन बढ़ाना, आने वाले दिनों में बाजार की कमजोरी का संकेत देता है।

कमजोर ग्लोबल मार्केट

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया और हांगकांग के इंडेक्स लाल निशान में थे। अमेरिका में भी गुरुवार को बड़ी गिरावट आई। Nasdaq करीब 1.6%, S&P 500 करीब 1.2% और Dow Jones भी लगभग 1.2% टूट गया। ग्लोबल निवेशक इस समय रिस्की एसेट्स से दूर भाग रहे हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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